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हैंडपंप लगाने में घोटाले के आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 01:08 AM IST
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उधमपुर जिले में लगाए गए हैंडपंप योजना में लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की जनसंघर्ष संस्था ने की है।
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संस्था के प्रधान संजीत कुमार बवोरिया ने वीरवार को बैठक के दौरान कहा कि जिला उधमपुर में लोगों को पानी की सुविधा देने के नाम पर हजारों की हैंडपंप लगाए गए। इनमें ज्यादातर खराब हो गए हैं।
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कुछ दिनों के बाद ही उनसे पानी आना बंद हो गया। इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में पिछले दो दशकों के भीतर ज्यादातर हैंडपंप उन स्थानों पर लगाये गए, जिन स्थानों पर पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा थी।
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जिन स्थानों पर हैंडपंप कामयाब होने की कोई गुंजाइश नहीं थी, वहां भी हैंडपंप लगाए गए। हैंडपंप बिना कोई जांच किए ही लगा दिए गए जिसके परिणाम स्वरूप आज ज्यादातर हैंडपंप बंद पडे़ हैं। कई हैंडपंप से गंदा और लाल पानी निकलता है।
बवोरिया ने बताया कि 20 जुलाई 2015 को राज्य के मुख्य सचिव से आरटीआई के माध्यम से इस संबंध में जानकारी मांगी गई थी कि हैंडपंप लगाने के लिए क्या मानदंड हैं।
जिला में कितने हैंडपंप लगाए गए। कितना खर्च आता है। लेकिन आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। इससे घोटाले की बात की पुष्टि होती है। बैठक में शाम लाल, जय कुमार, रोशन सिंह, सुभाष, वसीम मीर, रवि कुमार आदि शामिल थे।