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ग्रामीण इलाकों में संक्रमण पर अंकुश लगाना बना चुनौती
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उधमपुर/मजालता। जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस पर अंकुश लगाना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि इसको लेकर प्रयास लगातार जारी हैं। मजालता तहसील के ग्रामीण इलाकों में अप्रैल के मुकाबले में चार गुना अधिक मामले बढ़े हैं और इनमें बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशासन माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर और ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग कर इस पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास कर रहा है।
देश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों की तरह उधमपुर में भी अब ग्रामीण इलाकों में लोग कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। उधमपुर के मजालता तहसील में भी हालात खराब हैं। मजालता में डेढ़ माह में 205 लोग संक्रमित मिले हैं। अप्रैल में 43 और मई माह में चार गुना अधिक 162 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। यह सभी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हैं। इनमें से चार संक्रमितों की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल, एक को मिलिट्री अस्पताल और एक को जीएमसी जम्मू रेफर किया गया है।
आठ मई को शतराल गांव में 18 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके बाद इस गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिया गया। इसके बाद सबसे ज्यादा कोरोना का उछाल 12 मई को देखने को मिला, जहां एक ही दिन में 25 मामले सामने आए, जिसमे धम्मा से 21 और सुनाल से चाल कोरोना कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई।
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मजालता में नहीं है हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा
कोरोना के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मजालता में करीब 42 ऑक्सिजन सिलिंडर उपलब्ध करवा दिए हैं। इनकी संख्या को और बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ मजालता के बट्टल में काम्युनिटी सेंटर 45 बेड का कोविड केयर सेंटर भी बना गया है। लेकिन मजालता में अभी तक हाई फ्लो ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। इसको लेकर ग्रामीण काफी चिंतित है। इसलिए मरीजों की हालत खराब होने पर रेफर किया जा रहा है।
माइक्रो कंटोनमेंट जोन बनाकर लोगों की टेस्टिंग की जा रही है। नोडल अधिकारी बनाकर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए गांव में लोगो की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। हर गांव में टीमें बनाई गई है और कोशिश है की मजालता के हर गांव मे लोगों की टेस्टिंग की जाए।
- करनैल सिंह, नायब तहसीलदार, मजालता
मजालता के विभिन्न हिस्सों में 39 बेड कोरोना मरीजो के लिए बनाए गए है। जिनमे ऑक्सीजन सिलिंडर की सुविधाएं भी दी गयी है। कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. संगीत अजरावत, बीएमओ, मजालता
मजालता में कोई सब डिस्ट्रिक्ट अस्पताल न होने कारण ही हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा अभी नहीं दी जा सकती। हर पंचायत में पांच बेड का कोरोना आइसोलेशन सेंटर बनने का काम चल रहा है। इसमें हर एक बेड पर ऑक्सीजन सिलिंडर की सुविधा दी जाएगी। लोगों से अपील है कि बीमार होने पर कोरोना टेस्ट जरूर करवाएं।
- डॉ. केसी डोगरा, सीएमओ, उधमपुर
एक दिन में 21 मामले सामने आने के बाद पूरी पंचायत में हड़कंप से मच गया था। लेकिन इसके बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर लोगो के टेस्ट करवाए गए। उन्होंने बताया कि पहले कुछ लोगो ने खांसी जुकाम की शिकायत की थी, लेकिन इसको किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद संक्रमण इतनी तेजी से फैला की देखते ही देखते कई लोग इसकी चपेट मै आ गए। अब हालात में थोड़ा सुधार हो रहा है।
- सुनीता देवी, सरपंच, मजालता
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देश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों की तरह उधमपुर में भी अब ग्रामीण इलाकों में लोग कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। उधमपुर के मजालता तहसील में भी हालात खराब हैं। मजालता में डेढ़ माह में 205 लोग संक्रमित मिले हैं। अप्रैल में 43 और मई माह में चार गुना अधिक 162 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। यह सभी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हैं। इनमें से चार संक्रमितों की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल, एक को मिलिट्री अस्पताल और एक को जीएमसी जम्मू रेफर किया गया है।
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आठ मई को शतराल गांव में 18 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके बाद इस गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिया गया। इसके बाद सबसे ज्यादा कोरोना का उछाल 12 मई को देखने को मिला, जहां एक ही दिन में 25 मामले सामने आए, जिसमे धम्मा से 21 और सुनाल से चाल कोरोना कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई।
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मजालता में नहीं है हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा
कोरोना के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मजालता में करीब 42 ऑक्सिजन सिलिंडर उपलब्ध करवा दिए हैं। इनकी संख्या को और बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ मजालता के बट्टल में काम्युनिटी सेंटर 45 बेड का कोविड केयर सेंटर भी बना गया है। लेकिन मजालता में अभी तक हाई फ्लो ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। इसको लेकर ग्रामीण काफी चिंतित है। इसलिए मरीजों की हालत खराब होने पर रेफर किया जा रहा है।
माइक्रो कंटोनमेंट जोन बनाकर लोगों की टेस्टिंग की जा रही है। नोडल अधिकारी बनाकर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए गांव में लोगो की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। हर गांव में टीमें बनाई गई है और कोशिश है की मजालता के हर गांव मे लोगों की टेस्टिंग की जाए।
- करनैल सिंह, नायब तहसीलदार, मजालता
मजालता के विभिन्न हिस्सों में 39 बेड कोरोना मरीजो के लिए बनाए गए है। जिनमे ऑक्सीजन सिलिंडर की सुविधाएं भी दी गयी है। कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. संगीत अजरावत, बीएमओ, मजालता
मजालता में कोई सब डिस्ट्रिक्ट अस्पताल न होने कारण ही हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा अभी नहीं दी जा सकती। हर पंचायत में पांच बेड का कोरोना आइसोलेशन सेंटर बनने का काम चल रहा है। इसमें हर एक बेड पर ऑक्सीजन सिलिंडर की सुविधा दी जाएगी। लोगों से अपील है कि बीमार होने पर कोरोना टेस्ट जरूर करवाएं।
- डॉ. केसी डोगरा, सीएमओ, उधमपुर
एक दिन में 21 मामले सामने आने के बाद पूरी पंचायत में हड़कंप से मच गया था। लेकिन इसके बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर लोगो के टेस्ट करवाए गए। उन्होंने बताया कि पहले कुछ लोगो ने खांसी जुकाम की शिकायत की थी, लेकिन इसको किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद संक्रमण इतनी तेजी से फैला की देखते ही देखते कई लोग इसकी चपेट मै आ गए। अब हालात में थोड़ा सुधार हो रहा है।
- सुनीता देवी, सरपंच, मजालता