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युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है शहीद चुन्ना लाल का साहस
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भद्रवाह में शहीद चुन्नी लाल को श्रद्धांजलि देते सेना के अधिकारी
- फोटो : UDHAMPUR
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भद्रवाह। सेना के इतिहास में सबसे अलंकृत सैनिक नायब सूबेदार चुन्नी लाल को सेना ने शुक्रवार को उनकी शहादत की 15वीं वर्षगांठ पर नमन किया। नायब सूबेदार को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मान मिला है, साथ ही वह वीर चक्र और सेना पदक से भी सुशोभित थे।
इस अवसर पर भर्रा पंचायत में शहीद के पैतृक स्थान पर उनकी स्मृति में बने चुन्नी लाल पार्क में पुष्पांजलि और बहादुरों को याद समारोह आयोजित किया गया। यहां आरआर 10 सेक्टर के कमांडर ब्रिगेडियर प्रणब मिश्रा, सीओ 4आरआर कर्नल रजत परमार, एडीसी भद्रवाह दिलमीर चौधरी, एसपी भद्रवाह आफताब आलम मीर, युद्ध के दिग्गजों, एनसीसी कैडेटों और शहीद के परिजनों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
मौके पर वीर नारियों को ब्रिगेडियर ने सेना की ओर से प्रायोजित विभिन्न सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी उपायों से अवगत कराया। कहा कि यह सेना का कर्तव्य है कि वह लोगों की मदद करे और आने वाली किसी भी समस्या को कम करे। इसके लिए आपको केवल स्थानीय इकाई में सूचना देने की आवश्यकता है।
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ब्रिगेडियर मिश्रा ने शहीद सैनिक की पत्नी और माता-पिता को उपहार भेंट किए। वहीं, एनसीसी कैडेटों ने शहीद चुन्नी लाल के साहस की प्रशंसा की, और उन्हें युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। जीडीसी भद्रवाह की एनसीसी कैडेट रोनिका ने कहा कि बहादुर सैनिक की कहानी के बारे में जानकर सेना पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब वह भी सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करना चाहती हैं। वहीं, शहीद चुन्नी लाल के पिता शंकर दास ने कहा कि उन्हें अपने बेटे और उसकी उपलब्धियों पर गर्व है।
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कुपवाड़ा में घुसपैठियों से लड़कर हुए थे शहीद
भद्रवाह के भर्रा गांव के रहने वाले नायब सूबेदार चुन्नी लाल 24 जून 2007 को कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। 8वीं बटालियन के शहीद नायब सूबेदार चुन्नी लाल एकमात्र सैनिक थे, जिन्हें सेना पदक, वीर चक्र और अशोक चक्र (मरणोपरांत) मिला था।
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इस अवसर पर भर्रा पंचायत में शहीद के पैतृक स्थान पर उनकी स्मृति में बने चुन्नी लाल पार्क में पुष्पांजलि और बहादुरों को याद समारोह आयोजित किया गया। यहां आरआर 10 सेक्टर के कमांडर ब्रिगेडियर प्रणब मिश्रा, सीओ 4आरआर कर्नल रजत परमार, एडीसी भद्रवाह दिलमीर चौधरी, एसपी भद्रवाह आफताब आलम मीर, युद्ध के दिग्गजों, एनसीसी कैडेटों और शहीद के परिजनों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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मौके पर वीर नारियों को ब्रिगेडियर ने सेना की ओर से प्रायोजित विभिन्न सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी उपायों से अवगत कराया। कहा कि यह सेना का कर्तव्य है कि वह लोगों की मदद करे और आने वाली किसी भी समस्या को कम करे। इसके लिए आपको केवल स्थानीय इकाई में सूचना देने की आवश्यकता है।
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ब्रिगेडियर मिश्रा ने शहीद सैनिक की पत्नी और माता-पिता को उपहार भेंट किए। वहीं, एनसीसी कैडेटों ने शहीद चुन्नी लाल के साहस की प्रशंसा की, और उन्हें युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। जीडीसी भद्रवाह की एनसीसी कैडेट रोनिका ने कहा कि बहादुर सैनिक की कहानी के बारे में जानकर सेना पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब वह भी सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करना चाहती हैं। वहीं, शहीद चुन्नी लाल के पिता शंकर दास ने कहा कि उन्हें अपने बेटे और उसकी उपलब्धियों पर गर्व है।
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कुपवाड़ा में घुसपैठियों से लड़कर हुए थे शहीद
भद्रवाह के भर्रा गांव के रहने वाले नायब सूबेदार चुन्नी लाल 24 जून 2007 को कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। 8वीं बटालियन के शहीद नायब सूबेदार चुन्नी लाल एकमात्र सैनिक थे, जिन्हें सेना पदक, वीर चक्र और अशोक चक्र (मरणोपरांत) मिला था।

भद्रवाह में शहीद चुन्नी लाल की याद में आयोजित कार्यक्रम में सेना के अधिकारी व एनसीसी कैडे्ट- फोटो : UDHAMPUR

भद्रवाह में शहीद चुन्नी लाल की याद में आयोजित कार्यक्रम में सेना के अधिकारी व एनसीसी कैडे्ट- फोटो : UDHAMPUR