फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   Children of child ashram miffed after misbehavior, facilities not available

दुर्व्यवहार, सुविधाएं नहीं मिलने पर बिफरे बाल आश्रम के बच्चे

विज्ञापन
Children of child ashram miffed after misbehavior, facilities not available
उधमपुर। मारपीट, दुर्व्यवहार और सुविधाएं नहीं मिलने से खफा बट्टल बालियां बाल आश्रम के बच्चों का सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने बुधवार को डीसी कार्यालय के बाहर आश्रम अधीक्षक के खिलाफ प्रदर्शन कर उचित कदम उठाने की मांग की। वहीं, अधीक्षक पर दुर्व्यवहार, मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जल्द कदम नहीं उठाने पर आश्रम छोड़ने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

बुधवार को आश्रम से स्कूल के निकले परेशान छात्रों ने डीसी कार्यालय के बाहर अधीक्षक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आपबीती सुनाते हुए डीसी से जल्द अत्याचारों से मुक्ति दिलाने की मांग की। इसके साथ ही कदम नहीं उठाने पर आश्रम को छोड़ने की चेतावनी दी। परेशान छात्रों ने बताया कि पांच माह से आश्रम में बुरा बर्ताव किया जा रहा है। सुविधा नहीं मिल पा रही है। जूते, यूनिफार्म, किताबें व कापियां तक ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उचित आहार भी नहीं मिलता है। सुबह चार ब्रेड पीस खिलाकर स्कूल भेज दिया जाता है। किसी चीज की मांग करने पर आश्रम अधीक्षक मारपीट करते हैं।
विज्ञापन

दसवीं कक्षा के छात्र पुरुशोत्तम लाल ने बताया कि आश्रम में अत्याचार इस कदर बढ़ चुके हैं कि मजबूर होकर स्कूल जाने की बजाय डीसी आफिस में आकर इंसाफ की गुहार लगानी पड़ी है। आश्रम में न तो खाने-पीने का ध्यान रखा जा रहा है और न ही अन्य जरूरी सुविधाओं का। छात्र अमित कुमार ने बताया कि कभी-कभी एक्पायरी डेट की जैम आदि चीजें खाने को दे दी जाती है। स्टाक राजिस्टर पर जबरदस्ती उन चीजों के लिए हस्ताक्षर करवाए जाते हैं, जो कभी मिली ही नहीं। बुधवार को भी मांग करने पर अधीक्षक ने तीन बच्चों की पिटाई की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांचवी व सातवीं कक्षा के छात्र अर्जुन कुमार व राकेश कुमार ने बताया कि आश्रम में उनसे टॉयलट तक साफ करवाएं जाते हैं। स्कूल में शिक्षक वर्दी व किताबों के लिए परेशान करते हैं, जबकि आश्रम वालों से मांगने पर वह अपने घरवालों से मांगने को कहते हैं और प्रताड़ित करते हैं।

आरोपों के लिए विभाग जिम्मेदार है : अधीक्षक
आश्रम अधीक्षक यशपॉल वर्मा ने बताया कि आश्रम में 44 बच्चे हैं, जिन्हें अकेले ही संभालना पड़ता है। ऐसे में थोड़ी बहुत डांट डपट उचित है। मंगलवार देर रात भी कुछ बच्चों को सोशल साइट्स का इस्तेमाल करते पाया था। इसके अलावा जिन चीजों के लिए आरोप लगाए हैं उसके लिए संबधित विभाग जिम्मेदार हैं। जब स्टाक नहीं आएगा तो बच्चों को क्या देंगे। विभाग से लगातार मांग की जाती है, लेकिन सुध नहीं ली जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed