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जम्मू से मचैल के लिए छड़ी यात्रा 18 अगस्त को
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फोटो....मचैल यात्रा को लेकर सर्व शक्ति सेवक संस्था जम्मू कश्मीर की किश्तवाड़ में बेठक में उपस्थित ?
- फोटो : UDHAMPUR
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किश्तवाड़। जिले में रविवार को सर्व शक्ति सेवक संस्था ने मचैल यात्रा को लेकर बैठक की। इसकी अध्यक्षता ठाकुर पूर्ण चंद ने की। मौके पर संस्था के प्रधान नेक राम मन्हास भी उपस्थित थे। उनके अलावा जम्मू, उधमपुर, डोडा व किश्तवाड़ के लोग भी शामिल मौजूद थे।
बैठक में 25 जुलाई से आरंभ हो रही मचैल यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की गई। साथ ही 18 अगस्त को जम्मू से माता की पवित्र छड़ी मचैल पाडर के लिए चलेगी, जिसके लिए काफी विचार विमर्श किया गया। यात्रा की सुविधाओं की जिम्मेदारी इस बार प्रशासन के हाथ में है। बैठक में कहा गया कि प्रशासन ने अब तक यात्रा के लिए केवल चिशोती वाला पुल तैयार करवा है। बाकी सारे काम संस्था ने ही किए हैं।
बैठक में यात्रा मार्ग के बारे में भी चर्चा की गई, क्योंकि कुंडेल से लगभग चार किमी तक का रास्ता टूट गया है। साथ में बनी नदी पर झील के कारण यात्रियों के लिए मार्ग न के बराबर है। जिला प्रशासन को उस रास्ते को बनाना होगा। बैठक में तय किया गया कि 18 अगस्त को पवित्र छड़ी जम्मू से चलेगी, जोकि उधमपुर में आधे घंटे रुकेगी।
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वहां से शाम को किश्तवाड़ के गौरी शंकर मंदिर में रुकेगी, और दूसरे दिन 19 अगस्त को किश्तवाड़ से अठोली पाडर के लिए रवाना होगी। अगले दिन ज्वाला माता मंदिर अठोली से होकर रात्रि गुलाबगढ़ शहर में यात्री भवन में रुकेगी। तीसरे दिन 21 अगस्त को गुलाबगढ़ से चिशोती, 22 को चिसोती से माता मचैल के भवन पहुंचेगी। 23 अगस्त को भवन में ही हवन कीर्तन कर 24 को वापस होगी।
इस दौरान संस्था के प्रधान ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों यात्रियों के आने की संभावना है। इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ भी बैठक की जाएगी। उन्होंने जिला विकास आयुक्त से अनुरोध किया है कि जिस प्रकार चिशोती वाला पुल तैयार किया गया, उसी स्तर पर कुंडेल वाला पुल भी बनाया जाए। साथ ही मचैल में यात्रा से पहले बिजली, मार्ग व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं।
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बैठक में 25 जुलाई से आरंभ हो रही मचैल यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की गई। साथ ही 18 अगस्त को जम्मू से माता की पवित्र छड़ी मचैल पाडर के लिए चलेगी, जिसके लिए काफी विचार विमर्श किया गया। यात्रा की सुविधाओं की जिम्मेदारी इस बार प्रशासन के हाथ में है। बैठक में कहा गया कि प्रशासन ने अब तक यात्रा के लिए केवल चिशोती वाला पुल तैयार करवा है। बाकी सारे काम संस्था ने ही किए हैं।
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बैठक में यात्रा मार्ग के बारे में भी चर्चा की गई, क्योंकि कुंडेल से लगभग चार किमी तक का रास्ता टूट गया है। साथ में बनी नदी पर झील के कारण यात्रियों के लिए मार्ग न के बराबर है। जिला प्रशासन को उस रास्ते को बनाना होगा। बैठक में तय किया गया कि 18 अगस्त को पवित्र छड़ी जम्मू से चलेगी, जोकि उधमपुर में आधे घंटे रुकेगी।
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वहां से शाम को किश्तवाड़ के गौरी शंकर मंदिर में रुकेगी, और दूसरे दिन 19 अगस्त को किश्तवाड़ से अठोली पाडर के लिए रवाना होगी। अगले दिन ज्वाला माता मंदिर अठोली से होकर रात्रि गुलाबगढ़ शहर में यात्री भवन में रुकेगी। तीसरे दिन 21 अगस्त को गुलाबगढ़ से चिशोती, 22 को चिसोती से माता मचैल के भवन पहुंचेगी। 23 अगस्त को भवन में ही हवन कीर्तन कर 24 को वापस होगी।
इस दौरान संस्था के प्रधान ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों यात्रियों के आने की संभावना है। इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ भी बैठक की जाएगी। उन्होंने जिला विकास आयुक्त से अनुरोध किया है कि जिस प्रकार चिशोती वाला पुल तैयार किया गया, उसी स्तर पर कुंडेल वाला पुल भी बनाया जाए। साथ ही मचैल में यात्रा से पहले बिजली, मार्ग व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं।