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Udhampur News: जम्मू संभाग में पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है लद्दाधार
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- सड़क बन जाए तो पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खोल सकता है यह खूबसूरत इलाका
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर कई किलोमीटर तक समतल मैदान। गर्मियों में हवा में खासी ठंडक और सर्दी में हर साल तीन से चार फुट तक बर्फबारी। जम्मू शहर से सबसे नजदीकी पर्वत शृंखला में लद्दाधार खूबसूरत कुदरती नजारों से भरा पड़ा है। अगर प्रशासन इस पर ध्यान दे तो यह जम्मू संभाग में पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।
चिनैनी से करीब 25 किलोमीटर दूर लद्दा सांकरी तक तो सड़क बन चुकी है लेकिन एक तरफ नत्थाटॉप तो दूसरी तरफ पंचैरी के मीर सांकरी तक सड़क संपर्क मार्ग नहीं बन पाए हैं। इसी वजह से लद्दाधार के दोनों तरफ के इलाके एक-दूसरे से जुड़ नहीं पाए हैं। यदि ये सड़क बन जाए तो लद्दाधार बना पर्यटन स्थल बनने के साथ-साथ रोजगार के नए द्वार खोल सकता है। वहीं, पटनीटॉप, नत्थाटाप, बाबा सबौर, लद्दा सांकरी, मीर सांकरी और पंचैरी पर्यटन स्थल भी इसके साथ जुड़ सकेंगे।
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लोग पैदल पहाड़ी पार कर रिश्तेदारों के घर पहुंचते हैं
चिनैनी तथा पंचैरी में रहते कई लोगों की आपसी में रिश्तेदारी भी है। कई लोग पैदल पहाड़ी पार कर रिश्तेदारों के घर पहुंच जाते हैं तो कई सड़क मार्ग के जरिए लंबा सफर तय कर पहुंचते हैं। स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम दत्त, राधे श्याम व कृष्ण लाल ने बताया कि उनकी रिश्तेदारी चिनैनी तथा पंचैरी में है लेकिन उधमपुर से होते हुए उन्हें पंचैरी जाना पड़ता है। यदि लद्दाधार तक सड़क और वहीं से पंचैरी व चिनैनी से सड़क जुड़ जाए तो लोगों का सफर भी कम हो जाएगा और उन्हें आने-जाने में भी परेशानी नहीं होगी। अगर सरकार सड़क मार्ग से पंचैरी और चिनैनी को जोड़ दे तो लद्दाधार के साथ सड़क संपर्क होने से यह बड़ा पर्यटन स्थल बन सकता है। यहां सैलानियों को नई जगहें देखने को मिलेंगी। पयर्टकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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कोट...
सड़क परियोजना का प्रस्ताव कार्यान्वित होते ही लद्दाधार पर्यटन और रोजगार के द्वार खोलेगा। बाबा सबौर के पास बड़े-बड़े समतल मैदान हैं जहां पर्यटक कुदरत के बेहद सुंदर नजारों का आनंद ले सकेंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण के लिए भी सर्वेक्षण हो चुका है। इसी क्षेत्र में रेजीडेंट स्कूल बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
-सुभाष चंद्र, सदस्य, जिला विकास परिषद नरसू
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर कई किलोमीटर तक समतल मैदान। गर्मियों में हवा में खासी ठंडक और सर्दी में हर साल तीन से चार फुट तक बर्फबारी। जम्मू शहर से सबसे नजदीकी पर्वत शृंखला में लद्दाधार खूबसूरत कुदरती नजारों से भरा पड़ा है। अगर प्रशासन इस पर ध्यान दे तो यह जम्मू संभाग में पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।
चिनैनी से करीब 25 किलोमीटर दूर लद्दा सांकरी तक तो सड़क बन चुकी है लेकिन एक तरफ नत्थाटॉप तो दूसरी तरफ पंचैरी के मीर सांकरी तक सड़क संपर्क मार्ग नहीं बन पाए हैं। इसी वजह से लद्दाधार के दोनों तरफ के इलाके एक-दूसरे से जुड़ नहीं पाए हैं। यदि ये सड़क बन जाए तो लद्दाधार बना पर्यटन स्थल बनने के साथ-साथ रोजगार के नए द्वार खोल सकता है। वहीं, पटनीटॉप, नत्थाटाप, बाबा सबौर, लद्दा सांकरी, मीर सांकरी और पंचैरी पर्यटन स्थल भी इसके साथ जुड़ सकेंगे।
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लोग पैदल पहाड़ी पार कर रिश्तेदारों के घर पहुंचते हैं
चिनैनी तथा पंचैरी में रहते कई लोगों की आपसी में रिश्तेदारी भी है। कई लोग पैदल पहाड़ी पार कर रिश्तेदारों के घर पहुंच जाते हैं तो कई सड़क मार्ग के जरिए लंबा सफर तय कर पहुंचते हैं। स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम दत्त, राधे श्याम व कृष्ण लाल ने बताया कि उनकी रिश्तेदारी चिनैनी तथा पंचैरी में है लेकिन उधमपुर से होते हुए उन्हें पंचैरी जाना पड़ता है। यदि लद्दाधार तक सड़क और वहीं से पंचैरी व चिनैनी से सड़क जुड़ जाए तो लोगों का सफर भी कम हो जाएगा और उन्हें आने-जाने में भी परेशानी नहीं होगी। अगर सरकार सड़क मार्ग से पंचैरी और चिनैनी को जोड़ दे तो लद्दाधार के साथ सड़क संपर्क होने से यह बड़ा पर्यटन स्थल बन सकता है। यहां सैलानियों को नई जगहें देखने को मिलेंगी। पयर्टकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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कोट...
सड़क परियोजना का प्रस्ताव कार्यान्वित होते ही लद्दाधार पर्यटन और रोजगार के द्वार खोलेगा। बाबा सबौर के पास बड़े-बड़े समतल मैदान हैं जहां पर्यटक कुदरत के बेहद सुंदर नजारों का आनंद ले सकेंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण के लिए भी सर्वेक्षण हो चुका है। इसी क्षेत्र में रेजीडेंट स्कूल बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
-सुभाष चंद्र, सदस्य, जिला विकास परिषद नरसू