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नियमों का पालन कर मनाया श्री गुरु तेग बहादुर का प्रकाशोत्सव
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उधमपुर। नगर के गुरुद्वारों में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकोशत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सीमित कार्यक्रम का आयोजन कर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की ओर से शबद व अरदास की गई।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जोनल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह जोश ने गुरु तेग बहादुर की जीवनी पर प्रकाश डालते उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने की अपील की। बताया कि गुरु तेग बहादुर सिखों के नौवें गुरु थे। धर्म की रक्षा और पंडितों के तिलक जनेऊ की रक्षा के लिए उन्होंने जीवन का बलिदान दिया था। त्याग और बलिदान के कारण वह हिंद की चादर कहलाए गए।
उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादूर के प्रकाशोत्सव पर हर साल भव्य कार्यक्रम होता था, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण चलते सामूहिक आयोजन को पहले ही स्थगित कर दिया गया था। संगत को घरों में ही प्रकोशोत्सव मनाने को कहा गया था।
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गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जोनल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह जोश ने गुरु तेग बहादुर की जीवनी पर प्रकाश डालते उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने की अपील की। बताया कि गुरु तेग बहादुर सिखों के नौवें गुरु थे। धर्म की रक्षा और पंडितों के तिलक जनेऊ की रक्षा के लिए उन्होंने जीवन का बलिदान दिया था। त्याग और बलिदान के कारण वह हिंद की चादर कहलाए गए।
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उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादूर के प्रकाशोत्सव पर हर साल भव्य कार्यक्रम होता था, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण चलते सामूहिक आयोजन को पहले ही स्थगित कर दिया गया था। संगत को घरों में ही प्रकोशोत्सव मनाने को कहा गया था।
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