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शिविरों में बताए पशुओं की देखभाल के उपाय
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किश्तवाड़। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत डॉ. संजय कुमार सेन ने जिले में जागरूकता सह सामूहिक डी-वर्मिंग कार्यक्रम चलाया। इसका आयोजन उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा के समग्र पर्यवेक्षण और चीफ एनिमल हसबेंडरी अधिकारी के मार्गदर्शन में हुआ।
14 मार्च से 21 मार्च तक चले इस कार्यक्रम का समापन किश्तवाड़ में हुआ। इसमें जागरूकता शिविर की एक श्रृंखला आयोजित की गई थी, जिसके तहत वाड़वन, मढ़वा और पाडर के दूरदराज क्षेत्रों में रिकॉर्ड 76 शिविर लगाए गए। इस दौरान पशुपालकों को डी-वर्मिंग व टीकाकरण के महत्व और लाभों के बारे में जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त संबंधित पशु चिकित्सा सहायक सर्जनों ने पशुधन के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रबंधन संबंधी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। शिविरों में महिलाओं सहित हजारों किसानों, पशुपालकों ने भाग लिया।
टीकाकरण एवं सामान्य उपचार के अलावा दवाएं, खनिज मिश्रण, कैल्शियम सप्लीमेंट, कृमिनाशक का वितरण कर मौके पर ही पशुओं का बीमा किया गया। इन शिविरों के दौरान जनता को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य के रखरखाव के लिए सुझाव दिए गए। इनका उद्देश्य विभागीय गतिविधियों और पशुधन प्रबंधन, समय पर टीकाकरण और पशुधन के अच्छे स्वास्थ्य के लिए उत्पादन बढ़ाने और किसान की आय को दोगुना करने के बारे में जनता को जागरूक करना था।
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14 मार्च से 21 मार्च तक चले इस कार्यक्रम का समापन किश्तवाड़ में हुआ। इसमें जागरूकता शिविर की एक श्रृंखला आयोजित की गई थी, जिसके तहत वाड़वन, मढ़वा और पाडर के दूरदराज क्षेत्रों में रिकॉर्ड 76 शिविर लगाए गए। इस दौरान पशुपालकों को डी-वर्मिंग व टीकाकरण के महत्व और लाभों के बारे में जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त संबंधित पशु चिकित्सा सहायक सर्जनों ने पशुधन के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रबंधन संबंधी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। शिविरों में महिलाओं सहित हजारों किसानों, पशुपालकों ने भाग लिया।
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टीकाकरण एवं सामान्य उपचार के अलावा दवाएं, खनिज मिश्रण, कैल्शियम सप्लीमेंट, कृमिनाशक का वितरण कर मौके पर ही पशुओं का बीमा किया गया। इन शिविरों के दौरान जनता को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य के रखरखाव के लिए सुझाव दिए गए। इनका उद्देश्य विभागीय गतिविधियों और पशुधन प्रबंधन, समय पर टीकाकरण और पशुधन के अच्छे स्वास्थ्य के लिए उत्पादन बढ़ाने और किसान की आय को दोगुना करने के बारे में जनता को जागरूक करना था।
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