{"_id":"687be2112607b2ea7e040037","slug":"bhadarwah-dfo-devender-kumar-issue-order-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-125405-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: वन क्षेत्रों में प्लास्टिक व कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: वन क्षेत्रों में प्लास्टिक व कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगाया
विज्ञापन
भद्रवाह। डीएफओ भद्रवाह ने शनिवार को एक आदेश जारी कर प्रभाग के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों में प्लास्टिक को ले जाने, कूड़ा फेंकने, डंप करने या जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों और महत्वपूर्ण वन्यजीव आवासों सहित संवेदनशील वन क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण के बढ़ते खतरे को रोकना है। डीएफओ देवेंद्र कुमार ने कहा कि प्लास्टिक कचरे के अंधाधुंध निपटान से वन पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीवों और जल निकायों को गंभीर नुकसान हो रहा है।
जय घाटी, चिंता, पादरी, बाल पादरी, गुलदंडा जैसे वन क्षेत्र और नेरू नाला तथा जय नाला जैसे जल स्रोत प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। यह प्रतिबंध हमारी प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
विज्ञापन
प्रतिबंध में एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुएं जैसे पालीथीन बैग, डिस्पोजेबल कप और प्लेट, प्लास्टिक रैपर, पीईटी बोतलें और इसी तरह की अन्य सामग्री शामिल हैं। वन कर्मचारियों को नियमित गश्त, जन जागरूकता अभियान और जहां आवश्यक हो, दंडात्मक कार्रवाई के माध्यम से प्रतिबंध को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आगंतुकों को सचेत करने के लिए प्रमुख वन प्रवेश बिंदुओं और पर्यटन स्थलों पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
इस आदेश का उल्लंघन करने वालों को 50,000 तक का जुर्माना और एक महीने तक की कैद जैसे दंडों का सामना करना पड़ सकता है। संवाद
विज्ञापन
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों और महत्वपूर्ण वन्यजीव आवासों सहित संवेदनशील वन क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण के बढ़ते खतरे को रोकना है। डीएफओ देवेंद्र कुमार ने कहा कि प्लास्टिक कचरे के अंधाधुंध निपटान से वन पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीवों और जल निकायों को गंभीर नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
जय घाटी, चिंता, पादरी, बाल पादरी, गुलदंडा जैसे वन क्षेत्र और नेरू नाला तथा जय नाला जैसे जल स्रोत प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। यह प्रतिबंध हमारी प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
विज्ञापन
प्रतिबंध में एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुएं जैसे पालीथीन बैग, डिस्पोजेबल कप और प्लेट, प्लास्टिक रैपर, पीईटी बोतलें और इसी तरह की अन्य सामग्री शामिल हैं। वन कर्मचारियों को नियमित गश्त, जन जागरूकता अभियान और जहां आवश्यक हो, दंडात्मक कार्रवाई के माध्यम से प्रतिबंध को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आगंतुकों को सचेत करने के लिए प्रमुख वन प्रवेश बिंदुओं और पर्यटन स्थलों पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
इस आदेश का उल्लंघन करने वालों को 50,000 तक का जुर्माना और एक महीने तक की कैद जैसे दंडों का सामना करना पड़ सकता है। संवाद