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साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता आवश्यक
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उधमपुर: शेर ए कश्मीर पुलिस एकेडमी व महिला कॉलेज की तरफ से साइबरक्राइम की जानकारी दी गई.
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सहयोग से सरकारी महिला कॉलेज में साइबर अपराध विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की। ऑनलाइन सुरक्षा युक्तियों पर आधारित इस कार्यशाला में कॉलेज के 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में अकादमी के साइबर सलाहकार नईम अब्बास हमदानी ने प्रतिभागियों को विभिन्न सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखने के लिए समझाया। खासकर जब गुमनाम कॉल करने वाले पासवर्ड या वित्तीय लेनदेन के लिए पूछते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से पुलिस स्टेशन तक कैसे पहुंचें? व्याख्यान के अंत में प्रतिभागियों को विषय से संबंधित सामग्री की प्रतियां भी प्रदान की गईं।
इससे पहले कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कॉलेज प्रधानाचार्य प्रो. मीनू महाजन ने कहा कि जालसाजों और साइबर अपराधियों के खिलाफ जागरूकता ही सुरक्षा का एकमात्र साधन है। वहीं, एडीजीपी एवं अकादमी निदेशक डॉ. एसडी सिंह जंवाल ने साइबर अपराध की बारीकियों के बारे में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए सामाजिक समूहों विशेष रूप से कॉलेज के छात्रों तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया। सत्र का संचालन प्रो. सुनील सिंह (संयोजक आईक्यूएसी), प्रो. संजय कुमार, प्रो. संजीव उपाध्याय, प्रो. तानिया महाजन, डॉ. सुमित शर्मा, अरुण गुप्ता, आदि ने किया।
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कार्यशाला में अकादमी के साइबर सलाहकार नईम अब्बास हमदानी ने प्रतिभागियों को विभिन्न सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखने के लिए समझाया। खासकर जब गुमनाम कॉल करने वाले पासवर्ड या वित्तीय लेनदेन के लिए पूछते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से पुलिस स्टेशन तक कैसे पहुंचें? व्याख्यान के अंत में प्रतिभागियों को विषय से संबंधित सामग्री की प्रतियां भी प्रदान की गईं।
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इससे पहले कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कॉलेज प्रधानाचार्य प्रो. मीनू महाजन ने कहा कि जालसाजों और साइबर अपराधियों के खिलाफ जागरूकता ही सुरक्षा का एकमात्र साधन है। वहीं, एडीजीपी एवं अकादमी निदेशक डॉ. एसडी सिंह जंवाल ने साइबर अपराध की बारीकियों के बारे में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए सामाजिक समूहों विशेष रूप से कॉलेज के छात्रों तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया। सत्र का संचालन प्रो. सुनील सिंह (संयोजक आईक्यूएसी), प्रो. संजय कुमार, प्रो. संजीव उपाध्याय, प्रो. तानिया महाजन, डॉ. सुमित शर्मा, अरुण गुप्ता, आदि ने किया।
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