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बारिश का पानी घरों में घुसने पर फूटा गुस्सा
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उधमपुर। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर थिल और रौंद इलाके में बारिश का पानी घरों में पहुंचने से परेशान लोगों ने रविवार को धार रोड को बंद कर जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब दस वर्ष से परेशानी को झेल रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई उनकी सुध नहीं ले रहा है। कई बार अपनी परेशानी को प्रशासन के सामने रख चुके हैं। धार रोड के घंटों बंद रहने के कारण चालकों और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह करीब दस बजे लोगों ने धार रोड को बंद कर प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बताया कि दस वर्ष से बरसात के दौरान उनके घरों के अंदर व बाहर बारिश का पानी जमा होता है और उनको लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है। शनिवार तड़के भी तेज बारिश के दौरान पानी उनके घरों के अंदर आ गया और उनको फिर नींद से जागकर का अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। हर वर्ष उनका बारिश के कारण लाखों का नुकसान होता है और हर वर्ष उनको नया बिस्तर खरीदना पड़ता है। बारिश के पानी के कारण उनके बेड के साथ बिस्तर पूरी तरह से खराब हो जाता है। पिछले दिनों सतैनी में पानी भरने के बाद डीसी ने पानी में उतर कर लोगों की परेशानी को देखा था, लेकिन वह उनकी परेशानी को देखने के लिए थिल और रौंद नहीं आईं।
इलाके में सतैनी जैसे ही हालात हैं। जब बारिश शुरू होती है तो उनकी नींद उड़ जाती है और पानी घर के अंदर आने के डर से सभी पूरी रात जाग कर गुजारते हैं। इससे बिजली व पानी की सेवा भी बंद हो जाती है। खाना नहीं बनने पर उनको पूरा दिन भूखा रहना पड़ता है। प्रशासन की तरफ से उनके इलाके में जलनिकासी के लिए कोई योजनानहीं बनाई है। इसी कारण उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन बंद कर दिया। वहीं करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रहने के कारण चालकों और यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सुबह करीब दस बजे लोगों ने धार रोड को बंद कर प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बताया कि दस वर्ष से बरसात के दौरान उनके घरों के अंदर व बाहर बारिश का पानी जमा होता है और उनको लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है। शनिवार तड़के भी तेज बारिश के दौरान पानी उनके घरों के अंदर आ गया और उनको फिर नींद से जागकर का अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। हर वर्ष उनका बारिश के कारण लाखों का नुकसान होता है और हर वर्ष उनको नया बिस्तर खरीदना पड़ता है। बारिश के पानी के कारण उनके बेड के साथ बिस्तर पूरी तरह से खराब हो जाता है। पिछले दिनों सतैनी में पानी भरने के बाद डीसी ने पानी में उतर कर लोगों की परेशानी को देखा था, लेकिन वह उनकी परेशानी को देखने के लिए थिल और रौंद नहीं आईं।
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इलाके में सतैनी जैसे ही हालात हैं। जब बारिश शुरू होती है तो उनकी नींद उड़ जाती है और पानी घर के अंदर आने के डर से सभी पूरी रात जाग कर गुजारते हैं। इससे बिजली व पानी की सेवा भी बंद हो जाती है। खाना नहीं बनने पर उनको पूरा दिन भूखा रहना पड़ता है। प्रशासन की तरफ से उनके इलाके में जलनिकासी के लिए कोई योजनानहीं बनाई है। इसी कारण उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन बंद कर दिया। वहीं करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रहने के कारण चालकों और यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
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