{"_id":"b466c20560d1ab7301d94af5f0c08d0a","slug":"440-volt-wire-broken-the-student-s-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"440 वोल्ट का तार टूटा, छात्र की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
440 वोल्ट का तार टूटा, छात्र की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रामबन
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामसू तहसील अंतर्गत पड़ने वाले दूरदराज इलाके द्राडगड़ी में मंगलवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे 440 वोल्ट वाला बिजली का एक तार टूट कर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं समेत तीन बुरी तरह झुलस गए।
विज्ञापन
इस हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में बिजली विभाग के खिलाफ लोग भड़क उठे। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को मगरकोट में जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। जानकारी के मुताबिक द्राडगड़ी में 440 वोल्ट करंट वाला एक तार अचानक टूटकर जमीन पर आ गिरा।
विज्ञापन
इसकी चपेट में गांव के रेयाज अहमद (18), फारूक अहमद, गुलजारा बेगम और नसीमा बेगम आ गईं। इससे चारो गंभीर से झुलस गए। ये सभी अपने-अपने घरों में काम कर रहे थे। इन्हें रिश्तेदारों ने बनिहाल उप जिला अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां पर रेयाज अहमद (18) को मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
रेयाज बारहवीं कक्षा का छात्र था। बाकी तीन का उपचार चल रहा है। इस घटना की जानकारी जैसे ही क्षेत्र में फैली की लोगों का गुस्सा विभाग के खिलाफ भड़क उठा। गांव के लोग करीब दस किलोमीटर दूर मगरकोट पहुंच कर हाईवे को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
इस दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। लोगों का आरोप था कि विभाग बिजली लाइन की देखरेख या मरम्मत समय-समय पर नहीं करवाता है। इसके कारण तार टूटकर गिरा। इसलिए विभाग के संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
घटना की जानकारी मिलने पर डीसी बशीर अहमद डार और एसएसपी रणदीप कुमार मगरकोट पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पुलिस ने 304ए और 337 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस आश्वासन के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद हाईवे को खोला गया। इस प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में वाहन हाईवे पर फंसे रह गए।