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Udhampur News: परीक्षा परिणाम के दबाव में छात्र ने दी जान, मनोवैज्ञानिक की सलाह- रिजल्ट आते ही बच्चे के साथ रहें अभिभावक
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उधमपुर। जिले से हृदयविदारक घटना सामने आई है जहां 11वीं कक्षा के एक छात्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। उसका शव घर के कमरे में पंखे से लटका मिला। प्राथमिक जांच में पता चला है कि छात्र 11वीं के वार्षिक परिणाम में उम्मीद के मुताबिक अंक न आने से तनाव में था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू की है। हालांकि मौत के सही कारण की पुष्टि होना बाकी है।
विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों ने अभिभावकों को आगाह किया है कि बच्चों पर अंकों का दबाव उन्हें खतरनाक रास्ते पर धकेल सकता है। डॉ. दिशा महाजन का मानना है कि बोर्ड रिजल्ट केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। बच्चे की पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बच्चों से तुलना करना आत्मविश्वास तोड़ देता है। माता-पिता को रिजल्ट से पहले ही बच्चों को भरोसा दिलाना चाहिए कि जो भी परिणाम आए वे उसके साथ हैं। यदि बच्चा अचानक शांत हो जाए या खुद को कमरे में बंद कर ले तो सावधान हो जाएं। उससे बातचीत करें। कम नंबर आने पर डांटने के बजाय स्किल कोर्स या वोकेशनल ट्रेनिंग जैसे विकल्प पर बच्चे के साथ चर्चा करें।
सीबीएसई और जेके बोर्ड ने काउंसलिंग हेल्पलाइन भी शुरू की है। कई स्कूल रिजल्ट के दिन मनोचिकित्सक की मदद लेते हैं। प्रिंसिपल अजय गुप्ता बताते हैं कि हमने अभिभावकों की काउंसलिंग शुरू की है। उन्हें समझाया जाता हैं कि अंक से कीमती बच्चे का जीवन है।
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विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों ने अभिभावकों को आगाह किया है कि बच्चों पर अंकों का दबाव उन्हें खतरनाक रास्ते पर धकेल सकता है। डॉ. दिशा महाजन का मानना है कि बोर्ड रिजल्ट केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। बच्चे की पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बच्चों से तुलना करना आत्मविश्वास तोड़ देता है। माता-पिता को रिजल्ट से पहले ही बच्चों को भरोसा दिलाना चाहिए कि जो भी परिणाम आए वे उसके साथ हैं। यदि बच्चा अचानक शांत हो जाए या खुद को कमरे में बंद कर ले तो सावधान हो जाएं। उससे बातचीत करें। कम नंबर आने पर डांटने के बजाय स्किल कोर्स या वोकेशनल ट्रेनिंग जैसे विकल्प पर बच्चे के साथ चर्चा करें।
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सीबीएसई और जेके बोर्ड ने काउंसलिंग हेल्पलाइन भी शुरू की है। कई स्कूल रिजल्ट के दिन मनोचिकित्सक की मदद लेते हैं। प्रिंसिपल अजय गुप्ता बताते हैं कि हमने अभिभावकों की काउंसलिंग शुरू की है। उन्हें समझाया जाता हैं कि अंक से कीमती बच्चे का जीवन है।
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