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जम्मू-कश्मीर मुठभेड़: मारे गए दोनों आतंकी पाकिस्तानी, पुलिस ने कहा- ‘तुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते’
Thu, 17 Sep 2026 06:54 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
एएनआई, जम्मू-कश्मीर
एएनआई, जम्मू-कश्मीर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Thu, 17 Sep 2026 06:54 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन सोहन के दौरान मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई। दोनों के पास से भारी मात्रा में हथियार और ग्रेनेड बरामद किए गए। साथ ही सुरक्षाबलों ने एक मददगार को भी दबोचा है।
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जम्मू कश्मीर सुरक्षाबल (फाइल फोटो)
- फोटो : बसित जरगर
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन सोहन के तहत सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई है। उनके पास से एक एके असॉल्ट राइफल (चार मैगजीन के साथ), एक एम4 कार्बाइन (तीन मैगजीन के साथ), एक ग्लॉक पिस्तौल (दो मैगजीन के साथ) और चार ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि 'तुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते।'
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बता दें कि बुधवार देर शाम माजल्टा इलाके में गोलीबारी की आवाजें सुनाई देने के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी। आतंकवादियों की मौजूदगी की विशिष्ट सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की। इसके बाद एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है। तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है। पुलिस और सेना की पैरा (स्पेशल फोर्सेज) की संयुक्त टीम द्वारा तलाशी अभियान अभी भी जारी है। इसका उद्देश्य किसी और आतंकवादी की मौजूदगी की संभावना को खत्म करना है।
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दोनों के शव बरामद, ये घातक हथियार मिले
वीरवार सूरज की पहली किरण के साथ ही सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल पर सघन तलाशी शुरू की। इस दौरान से दो आतंकियों के शव बरामद किए गए। इनके पास से एक एके 47 राइफल, 4 मैगजीन, अमेरिका निर्मित एम-4 राइफल व इसकी 3 मैगजीन, जी-लॉक पिस्टल व इसकी 2 मैगजीन और 4 ग्रेनेड बरामद हुए हैं। मारे गए दोनों आतंकियों के तार सीधे तौर पर जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
वीरवार सूरज की पहली किरण के साथ ही सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल पर सघन तलाशी शुरू की। इस दौरान से दो आतंकियों के शव बरामद किए गए। इनके पास से एक एके 47 राइफल, 4 मैगजीन, अमेरिका निर्मित एम-4 राइफल व इसकी 3 मैगजीन, जी-लॉक पिस्टल व इसकी 2 मैगजीन और 4 ग्रेनेड बरामद हुए हैं। मारे गए दोनों आतंकियों के तार सीधे तौर पर जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
रात भर ड्रोन से रही पैनी नजर, तीसरे की तलाश जारी
दुर्गम पहाड़ी भूभाग, घने पेड़-पौधे और कम दृश्यता जैसी भारी चुनौतियों के बावजूद जवानों ने घेराबंदी ढीली नहीं पड़ने दी। रातभर पूरे इलाके पर सर्विलांस ड्रोन से पैनी नजर रखी गई ताकि कोई भी आतंकी भाग न सके। सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल पर तीन आतंकियों के मौजूद होने की आशंका थी। माना जा रहा है कि तीसरा आतंकी गोली लगने से घायल हुआ है और अंधेरे की आड़ में बच निकला है। इसके अलावा कुछ अन्य आतंकियों के भी जंगल में छिपे होने की आशंका है। इसे देखते हुए इलाके में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी गई हैं और पूरे बरत्तल-खुब्बन क्षेत्र को सील कर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उच्च अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दुर्गम पहाड़ी भूभाग, घने पेड़-पौधे और कम दृश्यता जैसी भारी चुनौतियों के बावजूद जवानों ने घेराबंदी ढीली नहीं पड़ने दी। रातभर पूरे इलाके पर सर्विलांस ड्रोन से पैनी नजर रखी गई ताकि कोई भी आतंकी भाग न सके। सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल पर तीन आतंकियों के मौजूद होने की आशंका थी। माना जा रहा है कि तीसरा आतंकी गोली लगने से घायल हुआ है और अंधेरे की आड़ में बच निकला है। इसके अलावा कुछ अन्य आतंकियों के भी जंगल में छिपे होने की आशंका है। इसे देखते हुए इलाके में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी गई हैं और पूरे बरत्तल-खुब्बन क्षेत्र को सील कर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उच्च अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस साल उधमपुर जिले में यह दूसरी मुठभेड़
उधमपुर जिले में इस वर्ष आतंकवादियों के साथ यह दूसरी मुठभेड़ है। इससे पहले फरवरी में रामनगर के जंगलों में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे, जिनमें जैश का स्वयंभू कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी शामिल था। सीमा पार से घुसपैठ करने के बाद जैश के आतंकी पिछले कई वर्षों से कठुआ-उधमपुर-डोडा बेल्ट के इन कठिन पहाड़ी इलाकों का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने बनाने और सुरक्षाबलों से बचने के लिए करते आ रहे हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों ने ऊंचाई वाले इन इलाकों में आतंकियों के नेटवर्क को लगातार ध्वस्त किया है ताकि उन्हें पनाह न मिल सके।
उधमपुर जिले में इस वर्ष आतंकवादियों के साथ यह दूसरी मुठभेड़ है। इससे पहले फरवरी में रामनगर के जंगलों में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे, जिनमें जैश का स्वयंभू कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी शामिल था। सीमा पार से घुसपैठ करने के बाद जैश के आतंकी पिछले कई वर्षों से कठुआ-उधमपुर-डोडा बेल्ट के इन कठिन पहाड़ी इलाकों का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने बनाने और सुरक्षाबलों से बचने के लिए करते आ रहे हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों ने ऊंचाई वाले इन इलाकों में आतंकियों के नेटवर्क को लगातार ध्वस्त किया है ताकि उन्हें पनाह न मिल सके।