जम्मू-कश्मीर: देविका नदी पर बने दो पुल जर्जर, चढ़ सकते हैं बरसात की भेंट, 2014 में हो चुका है दर्दनाक हादसा
एक पुल टीचर ट्रेनिंग गर्ल्स हाई स्कूल के ठीक सामने है। इसकी हालत भी बहुत ज्यादा खराब है। इसमें भी कई दरारें पड़ चुकी है। पुल कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके किसी भी पल गिरने की संभावना बनी हुई है।
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उधमपुर शहर के बीच से होकर गुजर रही देविका नदी पर स्थित पुराने जर्जर पुल किसी भी पल बरसात की भेंट चढ़ सकते हैं। इनकी हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। बरसात की तेज बारिश से इनको लगातार नुकसान पहुंच रहा है। हर रोज काफी संख्या में लोग इन पुलों से होकर गुजरते हैं। एक पुल तो देविका श्मशान घाट पर है, जहां हर रोज सैकड़ों लोग इस पुल से होकर गुजरते हैं।
प्राचीन देविका नदी शहर के बीच से होकर गुजर रही है। इसको पार करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में छह से ज्यादा पुल बनाए गए हैं। इनमें से एक पुल श्मशानघाट पर बनाया गया है। सभी पुल 40 वर्ष से भी ज्यादा पुराने हैं। वर्तमान समय में इनकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी हैं। श्मशान घाट के पुल पर दरारें साफ नजर आ रही है। इसकी हालत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि किसी भी पल गिर सकता हैं।
अंतिम संस्कार के समय 50 से अधिक लोग पुल पर खड़े रहते हैं। इससे हमेशा बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बरसात की तेज बारिश हो रही है और इसके अब बारिश की भेंट चढने की बहुत ज्यादा संभावना बनती जा रही है।
2014 में पुल गिरने पर व्यक्ति की हुई थी मौत
अगस्त 2014 में बरसात की बारिश के दौरान सांई मंदिर के नजदीक देविका नदी पर बनाया गया पुल तेज बारिश के दौरान गिर गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। व्यक्ति पुल से गुजर रहा था और अचानक पुल क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया था। इस हादसे से सबक लेकर भी पुराने पुलों की मरम्मत नहीं करवाई गई है। जबकि शहरवासी हर बार बरसात से पहले पुलों की हालत सुधारने की मांग करते हैं, लेकिन इनकी हालत नहीं सुधारी गई है।
श्मशान घाट पर बने पुल पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही को बंद किया जाएगा। इस पर केवल दो पहिया वाहन ही चलेंगे। यूईईडी को भी अपने वाहनों चलाने मना किया है। नया पुल बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल के बाहर बदहाल पुल के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। - डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद