सीमांत ग्रामीणों में दहशत, अन्य सुरंगें होने का भी अंदेशा
- पाकिस्तानी सुरंग मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल को अंदेशा है कि इस क्षेत्र में और भी सुरंगें हो सकती हैं।
- आरएसपुरा में सुरंग के मिलने से क्षेत्र में काम करने वाली सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंग मिलने से पता चलता है कि सीमा पार से आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। इसकी जानकारी होने के बाद से सीमावर्ती ग्रामीण एक बार फिर दहशत में आ गए हैं।
सीमा के अंतिम छोर तक खेतीबाड़ी करने वाले गांव देरिया के किसान मोहन लाल, प्रीतम सिंह, हंसराज व वेद भूषण का कहना है कि अगर आतंकी पहुंच जाते तो, बड़ा नुकसान हो सकता था।
पहाड़पुर क्षेत्र में भी सुरंग होने की बनी आशंका
गौरतलब है कि इससे पहले सांबा सेक्टर के सीमावर्ती गांव चचवाल के निकट जीरो लाईन पर पाक की ओर से एक सुरंग का निर्माण किया गया था, जो भारतीय सीमा में पांच सौ मीटर तक अंदर आ गई थी।
स्थानीय युवक ने इसकी सूचना बीएसएफ को दी थी, जिसके बाद सुरंग की जांच की गई थी। सुरंग में आक्सीजन की पाइप भी लगी थी। तब बीएसएफ के डीजी ने भी माना था कि ऐसी सुरंगें और भी हो सकती हैं, क्योंकि भूमि के बीस फुट नीचे जांचने के लिए उनके पास कोई यंत्र नहीं है।
इससे अंदेशा बना था कि पाक रेंजरों की ओर से ऐसी और भी सुरंगें हो सकती हैं। आरएस पुरा सेक्टर में सुरंग मिलने से यह आशंका सही साबित हुई। दिन भर चर्चा रही कि ऐसी और कितनी सुरंगें हो सकती हैं। रक्षा सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक पहाड़पुर क्षेत्र में भी ऐसी सुरंग होने का अंदेशा है, क्योंकि उस क्षेत्र में अक्सर आतंकी घुसपैठ करने में सफल रहे हैं।
अरनियां सीमा पट्टी पर भी पहुंचीं एजेंसियां
क्षेत्र में भी एहतियातन सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां हरकत में आती दिखाई दीं। इस दौरान दिनभर करीब 32 किलोमीटर सीमा पट्टी पर पैनी नजर रही। सूत्रों के अनुसार पूरी सीमा पट्टी की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां कोई सुरंग नहीं है।
गौरतलब है कि बीते माह सीमा पट्टी पर से सरकंडे साफ कर दिए गए थे, जिससे पाक की अग्रिम चौकियां और रेंजरों की हरकत साफ दिखाई देती है। ऐसे में किसी सुरंग के बनने की आशंका नहीं रह जाती।
लेकिन पाक पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इस कारण चप्पे-चप्पे की गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही। शुक्रवार को पहले से कहीं अधिक चौकसी रही।