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जम्मू: आतंकी वारदातों का आरोपी रिहा
अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 23 Jan 2014 08:16 AM IST
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अभियोजन द्वारा अपना केस रखने में नाकाम रहने पर प्रिंसिपल सेशन जज (जम्मू) करतार सिंह ने आरोपी मोहम्मद हयात बोहरू (निवासी बनिहाल) को रिहा कर दिया। आरोपी ने पाकिस्तान में आईएसआई से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
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पुलिस केस के अनुसार दो दिसंबर 2007 को नगरोटा पुलिस ने टीसीपी बाईपास नगरोटा के पास नाका लगाया हुआ था। रात लगभग 11 बजे एक युवक बिना नंबर की कार के साथ नाके से तवी नदी की ओर भागने लगा।
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पुलिस ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। उसकी कार में रखे एक बैग से पुलिस ने एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच में इम्तियाज अहमद सोहेल के नाम से आई कार्ड और एक मोबाइल भी मिला।
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युवक मोहम्मद हयात ने पुलिस को बताया कि उसने पाक में आईएसआई से हथियार चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया, ताकि घाटी में आतंकी वारदात को अंजाम दे सके। एसओजी की सूचना पर एसएचओ दीपक रैना मौके पर पहुंचे और पूछताछ के बाद युवक के खिलाफ आरपीसी की धारा 307 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि अभियोजन आरोपी युवक के खिलाफ सिर्फ शक के अलावा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। अभियोजन की जांच पूरी तरह नाकाम रही।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत के पास आरोपी को रिहा करने के सिवा कोई रास्ता नहीं है। अदालत ने आदेश दिया कि जब्त किए गए हथियार जिला आर्मरी के पास जमा कराए जाएं, जबकि बरामद आई कार्ड और मोबाइल की एक्सपायरी तिथि हो जाने पर उसे नष्ट कर दिया जाए।