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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   strategy to eliminate terrorists in Kashmir: 14 terrorists killed in January so far

कश्मीर में आतंकियों का खात्मा करने के लिए नई रणनीति: जनवरी में अब तक 14 आतंकी ढेर, इनमें छह दहशतगर्द पाकिस्तानी 

Thu, 20 Jan 2022 12:31 PM IST
विमल शर्मा अमृतपास सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपास सिंह बाली, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 20 Jan 2022 12:31 PM IST
सार


घाटी से आतंकियों का सफाया करने के लिए सुरक्षाबलों ने विशेष अभियान चलाया है। यह रणनीति लगातार कारगर हो रही है। सर्दियों में मैदानी इलाकों में आते हैं अधिकांश आतंकी। वह तकनीक और मानवीय स्रोत से किए जा रहे ढेर। 
 

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strategy to eliminate terrorists in Kashmir: 14 terrorists killed in January so far
श्रीनगर में तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नई रणनीति बनाकर विदेशी आतंकियों का सफाया तेज कर दिया है। इस रणनीति के तहत तकनीक के साथ मानवीय स्त्रोत का सहारा लिया जा रहा है। रणनीति कारगर साबित हो रही है। इस वर्ष जनवरी के पहले दो हफ्तों में ही 14 आतंकियों को मार गिराया जा चुका है, जिनमें बाबर भाई और हमजा भाई समेत कुल 6 पाकिस्तानी आतंकी थे। इसके अलावा ओजीडब्ल्यू नेटवर्क की कमर तोड़ने में भी मदद मिल रही है। इस महीने में ही करीब एक दर्जन ओजीडब्ल्यू को घाटी में गिरफ्तार किया गया है।

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घाटी में सक्रिय विदेशी आतंकी बड़ी चुनौती

सुरक्षाबलों के लिए घाटी में सक्रिय विदेशी आतंकी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। यह आतंकी उच्च प्रशिक्षित होते हैं और कश्मीरी युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करवाने की फिराक में रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विदेशी आतंकी स्थानीय कश्मीरी युवाओं को आतंकी गुटों में शामिल करने के लिए घाटी में प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं। 

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आतंकवाद में शामिल करने से पहले इन युवाओं को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाया जाता है। फिर कुछ दिनों का परीक्षण देकर आतंक के रास्ते पर झोंकते हैं। इसलिए आतंक को खत्म करने के लिए विदेशी आतंकियों के खात्मे पर फोकस किया जा रहा है।  

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आईजी ने कहा, विदेशी आतंकियों पर फाेकस 
कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार के अनुसार अगर एक विदेशी आतंकी घाटी में आता है तो इसका मतलब है कि वह 4 स्थानीय लड़कों को आतंकी रैंक में भर्ती करेगा। इसलिए हम विदेशी आतंकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उन सभी को जल्द खत्म करना चाहते हैं, ताकि युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती को रोका जा सके। 

 
सर्दियों में मैदानी इलाकों में आते हैं आतंकी
सुरक्षा एजेंसियों का यह भी मानना है कि सर्दियों का मौसम विदेशी आतंकियों को खत्म करने का सबसे अच्छा समय है, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाके पूरी तरह से बर्फ से ढके होते हैं, इसलिए ये आतंकी मैदानी इलाकों का रुख करते हैं। ऐसे समय में सुरक्षाबल उन आतंकियों के खिलाफ  अभियान चलाना चाहते हैं।

ऐसे में इन आतंकियों का खात्मा करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने तकनीक और मानवीय सूत्रों को सक्रिय कर दिया है। आईजीपी विजय कुमार ने कहा, बर्फबारी के दौरान आतंकी ऊंचे इलाकों से निकलकर मैदानी इलाकों और गांवों में आ जाते हैं। वे गर्मियों में इन ऊंचे स्थानों पर वापस चले जाते हैं। इसलिए जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में सुरक्षाबलों के साथ मिलकर ज्यादा से ज्यादा विदेशी आतंकियों को ढेर करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

 
घाटी में 85 विदेशी आतंकी
सूत्रों के मुताबिक घाटी में 85 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार इन्हें पाकिस्तानी आकाओं द्वारा निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में आतंकी संगठनों में भर्ती करें और उन्हें घाटी में ही प्रशिक्षित करें। सुरक्षा बलों की ओर से इस वजह से भी यह रणनीति बनाई गई है ताकि उनका खात्मा किया जा सके। 

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