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आतंक का डिजिटल चेहरा: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में सामने आया चीन कनेक्शन, GoPro कैमरा भी बना हथियार

Sun, 24 May 2026 05:42 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Sun, 24 May 2026 05:42 PM IST
सार

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एनआईए को आतंकियों के पास से मिला अमेरिकी गोप्रो कैमरा एक बड़ा सुराग बना है, जिसकी सप्लाई चेन चीन से जुड़ी पाई गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हाई-टेक उपकरण पाकिस्तान और लश्कर-ए-ताइबा तक कैसे पहुंचा।

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US GoPro shipped to China traced to Lashkar terrorists
एनआईए - फोटो : एएनआई

विस्तार

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब उस अंतरराष्ट्रीय सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है जिसके जरिये अमेरिका में बना गोप्रो कैमरा चीन पहुंचा और वहां से प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों तक पहुंच गया।

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अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क का खुलासा होने पर आतंकियों को सीमा पार से मिलने वाली तकनीकी और रसद मदद की अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। यह हाईटेक कैमरा उन आतंकियों के पास से मिला था जिन्हें पिछले जुलाई में डाचीगाम के जंगलों में सेना के विशेष बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

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जांच एजेंसियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठन अब हमलों की रिकॉर्डिंग करके उनका इस्तेमाल प्रचार और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। जांच एजेंसी की ओर से कैमरे की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए अमेरिकी कंपनी गोप्रो इंक के साथ संपर्क किया गया था। एजेंसी के अनुसार कंपनी ने जवाब में बताया है कि यह विशेष कैमरा चीन स्थित उसके अधिकृत वितरक को भेजा गया था। इसके बाद एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि चीन से यह उपकरण लश्कर के हैंडलरों तक कैसे पहुंचा।

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लश्कर के छह आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद आतंकी जंगलों के रास्ते भाग निकले थे। सुरक्षा बलों को इलाके की घेराबंदी करने में करीब 40 मिनट लगे, जिसका फायदा आतंकियों को मिला। जांच के दौरान एक शोपियां नंबर की गाड़ी को पहलगाम से बाहर जाते देखा गया लेकिन कई सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण आगे की जानकारी नहीं मिल सकी। एनआईए ने लश्कर-ए-ताइबा और छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मारे गए आतंकियों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। एजेंसी ने लश्कर के स्वयंभू कमांडर साजिद जट्ट उर्फ साजिद जुट्ट के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

आतंकियों को खाना व पनाह देने वाले जोथट व अहमद के नाम भी चार्जशीट में: चार्जशीट में स्थानीय बशीर अहमद जोथट और परवेज अहमद के नाम भी शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने हमले से एक दिन पहले आतंकियों को खाना और पनाह दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि आतंकियों को हल्दी, लाल मिर्च, नमक, खाना बनाने के बर्तन, कंबल और तिरपाल दिए गए थे। बाद में डाचीगाम मुठभेड़ स्थल से मिला कंबल डीएनए जांच में उसी घर से जुड़ा पाया गया।

पाकिस्तान की सेना या उससे जुड़े नेटवर्क के जरिए आतंकियों तक पहुंचाए जाने की आशंका
अधिकारियों को आशंका है कि ऐसे उपकरण पाकिस्तान की सेना या उससे जुड़े नेटवर्क के जरिए आतंकियों तक पहुंचाए गए हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, भारत और चीन के बीच आपसी कानूनी सहायता संधि नहीं होने के कारण इस तरह की जांच राजनयिक माध्यमों से आगे बढ़ाई जा रही है।

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