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उत्तरी कश्मीर में अभी भी 40-50 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय
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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर में अभी भी 40 से 45 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय हैं। यह बात उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में एक कार्यक्र म के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए सेना की किलो फोर्स के जीओसी एचएस साही ने कही। उन्होंने कहा कि सेना और अन्य सुरक्षाबलों ने बैक टू बैक ऑपरेशन लांच किए हैं और आतंकियों कहीं भी स्ट्राइक करने का मौका नहीं दिया जा रहा है।
साही ने कहा कि हमें उत्तरी कश्मीर में आतंकियों की टॉप लीडरशिप का सफाया करने में काफी सफलता मिली है। पूरी घाटी समेत उत्तरी कश्मीर में भी आतंकियों की मौजूदगी है, लेकिन उसके बावजूद भी हम अमन शांति बहाल करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अवाम को आश्वासन दिलाते हैं कि आतंकियों को अमन शांति भंग करने का कोई भी मौका नहीं दिया जाएगा।
वहीं बांदीपोरा में कम आतंकी गतिविधियों के चलते 4जी बहाली के सवाल पर जीओसी ने कहा कि यह फैसला उच्च स्तर पर लिया जाएगा। जब भी उन्हें उचित लगेगा तो हर पहलू को ध्यान में रखते हुए फैसला लेंगे। डीडीसी चुनावों की सुरक्षा को लेकर जीओसी एचएस साही ने कहा कि हम चाहते हैं कि चुनाव शांति से सम्पन्न हों ताकि लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें।
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उन्होंने कश्मीर के विकास के लिए यहां के युवाओं की मदद मांगी। साही ने कहा कि कश्मीर के युवाओं की एक अहम भूमिका है। हम चाहते हैं कि वह जम्मू-कश्मीर में विकास को बढ़ावा देने के लिए सहयोग दें। उन्होंने यह भी कहा कि जो युवा भटक चुके हैं और बंदूक उठा चुके हैं उन्हे भी लौट आना चाहिए।
आत्मसमर्पण पॉलिसी को और बेहतर बना रहे
साही ने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण पॉलिसी में सुधार लाने के लिए और कदम उठा रही है। साही ने कहा कि 1997 से यह पॉलिसी है, जिसमें बाद में संशोधन लाया गया था। बहुत सारे आतंकियों ने इसके तहत आत्मसमर्पण भी किया है। इतना ही नहीं उनके लिए भी पॉलिसी थी जो हथियारों की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गए थे ताकि वह वापस लौट सकें। साही ने कहा कि इस पॉलिसी को और बेहतर करने के लिए और कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 9 आतंकी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
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साही ने कहा कि हमें उत्तरी कश्मीर में आतंकियों की टॉप लीडरशिप का सफाया करने में काफी सफलता मिली है। पूरी घाटी समेत उत्तरी कश्मीर में भी आतंकियों की मौजूदगी है, लेकिन उसके बावजूद भी हम अमन शांति बहाल करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अवाम को आश्वासन दिलाते हैं कि आतंकियों को अमन शांति भंग करने का कोई भी मौका नहीं दिया जाएगा।
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वहीं बांदीपोरा में कम आतंकी गतिविधियों के चलते 4जी बहाली के सवाल पर जीओसी ने कहा कि यह फैसला उच्च स्तर पर लिया जाएगा। जब भी उन्हें उचित लगेगा तो हर पहलू को ध्यान में रखते हुए फैसला लेंगे। डीडीसी चुनावों की सुरक्षा को लेकर जीओसी एचएस साही ने कहा कि हम चाहते हैं कि चुनाव शांति से सम्पन्न हों ताकि लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें।
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उन्होंने कश्मीर के विकास के लिए यहां के युवाओं की मदद मांगी। साही ने कहा कि कश्मीर के युवाओं की एक अहम भूमिका है। हम चाहते हैं कि वह जम्मू-कश्मीर में विकास को बढ़ावा देने के लिए सहयोग दें। उन्होंने यह भी कहा कि जो युवा भटक चुके हैं और बंदूक उठा चुके हैं उन्हे भी लौट आना चाहिए।
आत्मसमर्पण पॉलिसी को और बेहतर बना रहे
साही ने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण पॉलिसी में सुधार लाने के लिए और कदम उठा रही है। साही ने कहा कि 1997 से यह पॉलिसी है, जिसमें बाद में संशोधन लाया गया था। बहुत सारे आतंकियों ने इसके तहत आत्मसमर्पण भी किया है। इतना ही नहीं उनके लिए भी पॉलिसी थी जो हथियारों की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गए थे ताकि वह वापस लौट सकें। साही ने कहा कि इस पॉलिसी को और बेहतर करने के लिए और कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 9 आतंकी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।