कश्मीर में मजदूर की हत्या: स्वतंत्रता दिवस से पहले फिर टारगेट किलिंग, चार महीने में आतंकियों ने 10 को मारा
घाटी में पिछले चार महीनों में दस बार लक्षित हत्याएं की गईं। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जून महीने में बड़ी बैठक भी की थी। सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्वतंत्रता दिवस से पहले कश्मीर में शुक्रवार को एक बार फिर आतंकियों ने टारगेट किलिंग को अंजाम दिया है। दहशतगर्दों ने बांदीपोरा के सोदनारा सुंबल में गैर-कश्मीरी मजदूर पर फायरिंग की। गोली लगने से घायल मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। घाटी में पिछले चार महीनों में दस बार लक्षित हत्याएं की गई। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जून महीने में बड़ी बैठक भी की थी। घाटी में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं।, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर निर्दोष नागरिक को जान गंवानी पड़ी है।
शुक्रवार को बांदीपोरा में आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूर को निशाना बनाया। इस हमले में गोली लगने से मजदूर घायल हो गया। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान वह जिंदगी की जंग हार गया। कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि देर रात आतंकियों ने बांदीपोरा के सोदनारा सुंबल में बिहार निवासी मजदूर मोहम्मद अमरेज पर फायरिंग की। वह गोली लगने से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमलावरों की तलाश में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तलाशी अभियान चलाया गया है।
रात करीब 12.20 बजे हुई फायरिंग
मृतक के भाई का कहना है कि रात करीब 12.20 बजे उसके भाई ने उसे जगाया और कहा कि फायरिंग शुरू हो गई है। लेकिन अमरेज आसपास नहीं था। आगे उसने बताया, 'हम लोगों को लगा कि वह शौचालय गया है। तलाश करने उसे खून से लथपथ पाया। आनन-फानन हमने सुरक्षाकर्मियों से संपर्क किया। जिनकी मदद से भाई को अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।'
18 जून को पुलवामा में पुलिस के सब इंस्पेक्टर की हत्या
इससे पहले 18 जून को आतंकियों ने पुलवामा में पुलिस के सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की हत्या कर दी थी। फारूक मीर का गोलियों से छलनी शव उनके घर के पास धान के खेत में बरामद हुआ था। वह देर शाम खेत में काम करने गए थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तभी आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। एसआई फारूक अहमद मीर निवासी संबूरा पंपोर के रहने वाले थे। वह 23 बटालियन में तैनात थे।
2 जून को बडगाम में मजदूरों को बनाया निशाना, कुलगाम में बैंक कर्मी की हत्या
दो जून को आतंकियों ने दो लक्षित वारदातों को अंजाम दिया। इसका रोष देशभर में देखने को मिला। दो जून राजस्थान के एक बैंक मैनेजर विजय कुमार की दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों द्वारा हत्या कर दी थी। उधर, बडगाम में दो जून को देर रात आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों पर हमला किया। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मई में दो पुलिसकर्मियों, कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट, टीवी अदाकारा अमरीन भट सहित शिक्षिका रजनी बाला को भी दहशतगर्दों ने मार डाला था। सभी हत्याएं पिस्टल से की गईं थीं।
घाटी में हुई टारगेट किलिंग
- 18 जून: पुलवामा में पुलिस के सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की हत्या
- 2 जून: बडगाम में आतंकियों ने देर शाम दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को बनाया निशाना, एक की मौत, एक घायल
- 2 जून: कुलगाम जिले में एक बैंक प्रबंधक की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
- 31 मई: कुलगाम के गोपालपोरा में हिंदू महिला शिक्षक रजनी बाला की हत्या
- 25 मई: बडगाम में घर पर टीवी कलाकार अमरीन भट की हत्या। उसका 10 वर्षीय भतीजा हाथ में गोली लगने से घायल।
- 24 मई: श्रीनगर में पुलिसकर्मी सैफुल्ला कादरी की हत्या। उसकी 7 साल की बेटी घायल
- 17 मई: बारामुला में शराब दुकान पर ग्रेनेड हमला, राजोरी के सेल्सैन रंजीत सिंह की मौत, तीन अन्य घायल
- 13 मई: पुलवामा के गडूरा गांव में निहत्थे पुलिसकर्मी रियाज अहमद की हत्या
- 12 मई: बडगाम में कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की चाडूरा तहसील कार्यालय में घुसकर हत्या हत्या कर दी।
- 7 मई : श्रीनगर में डॉ अली जान रोड पर आइवा ब्रिज के पास आतंकवादी हमले में पुलिस कांस्टेबल गुलाम हसन डार की मौत