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विशेष सेल करेगा जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 27 Dec 2016 09:29 PM IST
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श्रीनगर गढवाल विवि के सीनेट हाल में आयोजित जलवायु परिर्वतन विषय पर आयोजित गोष्ठी पर पर्यावरणविदो को सम्मानित करते अतिथि
- फोटो : amar ujala.
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गढ़वाल विवि जलवायु परिर्वतन पर अध्ययन के लिए एक विशेष सेल का गठन करेगा, जिससे इस विषय में और बेहतर कार्य हो सकें। सेल में पर्यावरणविद्, विषय विशेषज्ञ, शिक्षक व शोध छात्र शामिल होंगे। गढ़वाल विवि के प्रति कुलपति डीएस नेगी ने बिड़ला परिसर में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान कहा कि जलवायु परिवर्तन का मूल कारण हमारे विकास का ढांचा है।
सीनेट हाल में समाज कार्य विभाग, डालियों का दगड्यिा, प्रौढ़ सतत शिक्षा विभाग व विश्व युवक केंद्र की ओर से जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक तापन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि पर्यावरणविद् पद्मश्री डा. अनिल जोशी ने कहा कि पर्यावरण परिवर्तन से सारा विश्व संकटमय जीवन व्यतीत करने के लिए बाध्य है।
विकसित देशों ने अपनी जीवन शैली में धीरे-धीरे परिवर्तन लाना शुरू कर दिया है। विश्व युवक केंद्र के राजीव निर्मल ने वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण शिक्षा व आजीविका सुधार आदि विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जाने की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता जगत सिंह जंगली ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर अब गांवों, प्राकृतिक संसाधनों और व्यक्तियों पर गहराता जा रहा है।
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जलवायु परिवर्तन का मूल कारण हमारे विकास का ढांचा है। हमें अपनी जीवन शैली मे बदलाव लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम संयोजक डा. मोहन सिंह पंवार ने कहा कि जलवायु की विभीषिका को देखते हुए फसल चक्र में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में डीएसडल्ब्ल्यू प्रो. जेपी पचौरी, प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. एसएस रावत, डा. किरण डंगवाल, आदि ने विचार व्यक्त किए।
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सीनेट हाल में समाज कार्य विभाग, डालियों का दगड्यिा, प्रौढ़ सतत शिक्षा विभाग व विश्व युवक केंद्र की ओर से जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक तापन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि पर्यावरणविद् पद्मश्री डा. अनिल जोशी ने कहा कि पर्यावरण परिवर्तन से सारा विश्व संकटमय जीवन व्यतीत करने के लिए बाध्य है।
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विकसित देशों ने अपनी जीवन शैली में धीरे-धीरे परिवर्तन लाना शुरू कर दिया है। विश्व युवक केंद्र के राजीव निर्मल ने वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण शिक्षा व आजीविका सुधार आदि विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जाने की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता जगत सिंह जंगली ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर अब गांवों, प्राकृतिक संसाधनों और व्यक्तियों पर गहराता जा रहा है।
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जलवायु परिवर्तन का मूल कारण हमारे विकास का ढांचा है। हमें अपनी जीवन शैली मे बदलाव लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम संयोजक डा. मोहन सिंह पंवार ने कहा कि जलवायु की विभीषिका को देखते हुए फसल चक्र में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में डीएसडल्ब्ल्यू प्रो. जेपी पचौरी, प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. एसएस रावत, डा. किरण डंगवाल, आदि ने विचार व्यक्त किए।