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Srinagar News: उपराज्यपाल ने यूपीएससी 2025 और जेकेएएस 2024 के सफल उम्मीदवारों को किया सम्मानित
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उपराज्यपाल ने यूपीएससी 2025 और जेकेएएस 2024 के सफल उम्मीदवारों को सम्मानित किया। स्रोत प्रशासन
- सार्वजनिक सेवा में विनम्रता, करुणा और ईमानदारी बनाए रखने का आह्वान किया
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 और जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2024 के सफल उम्मीदवारों को सममानित किया। उन्होंने उम्मीदवारों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए उपराज्यपाल ने उनके माता-पिता को भी शुभकामनाएं दीं, जिनके निस्वार्थ प्रयासों ने उन्हें अपनी आकांक्षाओं को साकार करने में मदद की।
युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जहां उन्होंने देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक को पास किया है, वहीं उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए कि पद और ओहदे व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हैं बल्कि लोगों द्वारा उन पर रखा गया विश्वास है। उन्होंने जोर दिया कि विनम्रता सुशासन और प्रभावी प्रशासन की सबसे पहली योग्यता है।
जेकेएएस अधिकारियों से बात करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि उनकी सफलता न केवल व्यक्तिगत योग्यता को दर्शाती है बल्कि जम्मू-कश्मीर की आकांक्षाओं, लचीलेपन और लोकतांत्रिक भावना को भी दर्शाती है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला और विश्वास व्यक्त किया कि युवा अधिकारी सत्य, न्याय और जन कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उपराज्यपाल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के सिविल सेवाओं के विजन को भी याद किया, जिसे उन्होंने राष्ट्र का स्टील फ्रेम कहा था। उपराज्यपाल ने सफल उम्मीदवारों से सार्वजनिक सेवा की गरिमा को बनाए रखने और सार्वजनिक मान्यता के बजाय सार्थक कार्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
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उन्होंने कहा कि एक प्रशासक की असली परीक्षा सबसे कमजोर नागरिकों की चिंताओं पर संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया देने में है। उपराज्यपाल ने दुनिया भर की प्रसिद्ध हस्तियों के जीवन से करुणा, साहस, सेवा, नेतृत्व, साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता के सबक भी बताए। उन्होंने भावी लोक सेवकों को प्रक्रियाओं और फाइलों से परे देखने और हर निर्णय के पीछे की मानवीय वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को पहचानने की सलाह दी। हर फाइल के पीछे एक अनमोल जीवन है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि फाइलों के पीछे छिपे डेटा को भी देखें, और उन आंकड़ों के पीछे खड़े लोगों को पहचानें और उनकी जरूरतों को समझें। उन्होंने कहा नेतृत्व कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि दूसरों की सेवा करने, उनका मार्गदर्शन करने, उनका समर्थन करने और उन्हें सशक्त बनाने की एक बड़ी जिम्मेदारी है।
उपराज्यपाल ने उनकी भविष्य की पेशेवर यात्रा के लिए तीन-चरणीय रूपरेखा भी बताई। उन्होंने युवा अधिकारियों से पहले नागरिकों और स्थानीय संस्थाओं के साथ सीधे जुड़कर जमीनी हकीकत को समझने का आग्रह किया। दूसरे चरण में उन्होंने उन्हें पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम सिस्टम बनाने की सलाह दी जो देरी को कम करे और सेवा वितरण में सुधार करे। तीसरे चरण में उन्होंने भविष्य में नेतृत्व पदों पर रहते हुए संस्थानों की सुरक्षा और नैतिक मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। उपराज्यपाल ने कहा कि 2047 का भारत आज के युवा लोक सेवकों के मूल्यों, कार्य संस्कृति और निर्णयों से आकार लेगा। उन्होंने उनसे जन कल्याण के लिए खुद को समर्पित करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनकी विरासत को पद की प्रतिष्ठा से नहीं बल्कि आम नागरिकों के जीवन में उनके द्वारा लाए गए सकारात्मक प्रभाव से परिभाषित किया जाए।
भविष्य की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। ऐसे क्षण आते हैं जब इतिहास की धारा असाधारण गति से बदलती है। उपराज्यपाल ने कहा मेरा मानना है कि आज हम ऐसे ही युग से गुजर रहे हैं। मुझे आशा है कि आप लोगों की इस तरह सेवा करेंगे कि यह उनके जीवन में दिखाई दे, और आपका जीवन आपके पद की प्रतिष्ठा से नहीं बल्कि जन कल्याण के परिणामों से पहचाना जाए। सम्मान समारोह में जेकेआईएमपीएआरडी की महानिदेशक रेहाना बतूल, एसएसपी श्रीनगर डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती, डीसी श्रीनगर अक्षय लाबरू, एक्सेप्शनल एकेडमी के निदेशक ओवैस अली भट्ट और एकेडमी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 और जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2024 के सफल उम्मीदवारों को सममानित किया। उन्होंने उम्मीदवारों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए उपराज्यपाल ने उनके माता-पिता को भी शुभकामनाएं दीं, जिनके निस्वार्थ प्रयासों ने उन्हें अपनी आकांक्षाओं को साकार करने में मदद की।
युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जहां उन्होंने देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक को पास किया है, वहीं उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए कि पद और ओहदे व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हैं बल्कि लोगों द्वारा उन पर रखा गया विश्वास है। उन्होंने जोर दिया कि विनम्रता सुशासन और प्रभावी प्रशासन की सबसे पहली योग्यता है।
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जेकेएएस अधिकारियों से बात करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि उनकी सफलता न केवल व्यक्तिगत योग्यता को दर्शाती है बल्कि जम्मू-कश्मीर की आकांक्षाओं, लचीलेपन और लोकतांत्रिक भावना को भी दर्शाती है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला और विश्वास व्यक्त किया कि युवा अधिकारी सत्य, न्याय और जन कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उपराज्यपाल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के सिविल सेवाओं के विजन को भी याद किया, जिसे उन्होंने राष्ट्र का स्टील फ्रेम कहा था। उपराज्यपाल ने सफल उम्मीदवारों से सार्वजनिक सेवा की गरिमा को बनाए रखने और सार्वजनिक मान्यता के बजाय सार्थक कार्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
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उन्होंने कहा कि एक प्रशासक की असली परीक्षा सबसे कमजोर नागरिकों की चिंताओं पर संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया देने में है। उपराज्यपाल ने दुनिया भर की प्रसिद्ध हस्तियों के जीवन से करुणा, साहस, सेवा, नेतृत्व, साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता के सबक भी बताए। उन्होंने भावी लोक सेवकों को प्रक्रियाओं और फाइलों से परे देखने और हर निर्णय के पीछे की मानवीय वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को पहचानने की सलाह दी। हर फाइल के पीछे एक अनमोल जीवन है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि फाइलों के पीछे छिपे डेटा को भी देखें, और उन आंकड़ों के पीछे खड़े लोगों को पहचानें और उनकी जरूरतों को समझें। उन्होंने कहा नेतृत्व कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि दूसरों की सेवा करने, उनका मार्गदर्शन करने, उनका समर्थन करने और उन्हें सशक्त बनाने की एक बड़ी जिम्मेदारी है।
उपराज्यपाल ने उनकी भविष्य की पेशेवर यात्रा के लिए तीन-चरणीय रूपरेखा भी बताई। उन्होंने युवा अधिकारियों से पहले नागरिकों और स्थानीय संस्थाओं के साथ सीधे जुड़कर जमीनी हकीकत को समझने का आग्रह किया। दूसरे चरण में उन्होंने उन्हें पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम सिस्टम बनाने की सलाह दी जो देरी को कम करे और सेवा वितरण में सुधार करे। तीसरे चरण में उन्होंने भविष्य में नेतृत्व पदों पर रहते हुए संस्थानों की सुरक्षा और नैतिक मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। उपराज्यपाल ने कहा कि 2047 का भारत आज के युवा लोक सेवकों के मूल्यों, कार्य संस्कृति और निर्णयों से आकार लेगा। उन्होंने उनसे जन कल्याण के लिए खुद को समर्पित करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनकी विरासत को पद की प्रतिष्ठा से नहीं बल्कि आम नागरिकों के जीवन में उनके द्वारा लाए गए सकारात्मक प्रभाव से परिभाषित किया जाए।
भविष्य की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। ऐसे क्षण आते हैं जब इतिहास की धारा असाधारण गति से बदलती है। उपराज्यपाल ने कहा मेरा मानना है कि आज हम ऐसे ही युग से गुजर रहे हैं। मुझे आशा है कि आप लोगों की इस तरह सेवा करेंगे कि यह उनके जीवन में दिखाई दे, और आपका जीवन आपके पद की प्रतिष्ठा से नहीं बल्कि जन कल्याण के परिणामों से पहचाना जाए। सम्मान समारोह में जेकेआईएमपीएआरडी की महानिदेशक रेहाना बतूल, एसएसपी श्रीनगर डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती, डीसी श्रीनगर अक्षय लाबरू, एक्सेप्शनल एकेडमी के निदेशक ओवैस अली भट्ट और एकेडमी के पदाधिकारी मौजूद रहे।