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पहलगाम आतंकी हमले का दर्द आज भी गहरा : तसलीमा
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- हमले में जान गंवाने वाले बहादुर युवा आदिल को दी श्रद्धांजलि, फिर से न्याय की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी के मौके पर एसोसिएशन ऑफ टेरर विक्टिम्स इन कश्मीर (एटीवीके) की अध्यक्ष तस्लीमा अख्तर ने कहा कि इस त्रासदी का दर्द लोगों की यादों में आज भी गहरा बसा हुआ है। पीड़ितों के परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
पीड़ितों को याद करते हुए अख्तर ने इस दिन को हाल के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले का सदमा न केवल जम्मू-कश्मीर में, बल्कि पूरे देश में आज भी महसूस किया जाता है। अख्तर ने कहा कि यह खून-खराबे का एक ऐसा दिन था जिसने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था।
उन्होंने दोहराया कि यह एसोसिएशन पीड़ित परिवारों के लिए न्याय दिलाने के अपने संकल्प पर पूरी तरह से कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इस हमले में जान गंवाने वाले हर बेकसूर व्यक्ति को न्याय नहीं मिल जाता।
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आदिल हुसैन को श्रद्धांजलि देते हुए अख्तर ने उनके बलिदान को साहस और इंसानियत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आतंक के सामने दिखाई गई उनकी बहादुरी को हमेशा याद किया जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा। आदिल वह कश्मीरी युवा थे जिसने हमलावरों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।
उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब पूरी घाटी में लोग इस हमले की बरसी मना रहे हैं। इस मौके पर लोग पीड़ितों को याद कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए जवाबदेही तय करने तथा और भी कड़े कदम उठाने की मांग को फिर से दोहरा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी के मौके पर एसोसिएशन ऑफ टेरर विक्टिम्स इन कश्मीर (एटीवीके) की अध्यक्ष तस्लीमा अख्तर ने कहा कि इस त्रासदी का दर्द लोगों की यादों में आज भी गहरा बसा हुआ है। पीड़ितों के परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
पीड़ितों को याद करते हुए अख्तर ने इस दिन को हाल के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले का सदमा न केवल जम्मू-कश्मीर में, बल्कि पूरे देश में आज भी महसूस किया जाता है। अख्तर ने कहा कि यह खून-खराबे का एक ऐसा दिन था जिसने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था।
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उन्होंने दोहराया कि यह एसोसिएशन पीड़ित परिवारों के लिए न्याय दिलाने के अपने संकल्प पर पूरी तरह से कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इस हमले में जान गंवाने वाले हर बेकसूर व्यक्ति को न्याय नहीं मिल जाता।
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आदिल हुसैन को श्रद्धांजलि देते हुए अख्तर ने उनके बलिदान को साहस और इंसानियत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आतंक के सामने दिखाई गई उनकी बहादुरी को हमेशा याद किया जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा। आदिल वह कश्मीरी युवा थे जिसने हमलावरों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।
उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब पूरी घाटी में लोग इस हमले की बरसी मना रहे हैं। इस मौके पर लोग पीड़ितों को याद कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए जवाबदेही तय करने तथा और भी कड़े कदम उठाने की मांग को फिर से दोहरा रहे हैं।