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Srinagar News: 20 दिन में दूसरी बार भूस्खलन से श्रीनगर-उड़ी हाईवे प्रभावित, लोगों में गुस्सा
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- स्थानीय लोगों ने खराब प्लानिंग को दोषी ठहराया, प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। सिर्फ 20 दिनों में दूसरी बार हुए भूस्खलन से श्रीनगर-बारामुला-उड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-1) पर ट्रैफिक बाधित हुआ। इससे लोगों की जान को खतरा पैदा होने से स्थानीय लोगों में रोष व्यक्त किया।
बता दें कि उड़ी में ईको पार्क के पास शुक्रवार को सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और टनों के हिसाब से मिट्टी गिर गई जिससे गाड़ी चलाने वालों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ लेकिन घटना ने सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को और बढ़ा दिया है। स्थानीय निवासियों ने सीधे तौर पर भूस्खलन के लिए खराब प्लानिंग और लगातार लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
स्थानीय निवासी मोहम्मद रमजान ने कहा कि प्रशासन का सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया देखना बहुत परेशान करने वाला है। जब इस हाईवे पर नियमित रूप से भूस्खलन होता है तो लोग घरों से निकलने से डरने लगेंगे। उन्होंने प्रशासन से इस बढ़ती चिंता को जिम्मेदारी से दूर करने का आग्रह किया। बशारत अहमद ने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि यह दिन में हुआ। अगर रात होती तो शायद कोई बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
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जुबैर मीर ने प्रशासन से खादनियार-गंटामुल्ला सड़क को एक कार्यात्मक वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि डंखन के पास ईको पार्क से सटे इलाके में बार-बार होने वाले भूस्खलन और जारी हाईवे चौड़ीकरण के काम के कारण नियमित लग रहे ट्रैफिक जाम से लोगों को असुविधा होती है। मीर ने राहत प्रदान करने के लिए लगभग तीन किलोमीटर लंबे खादनियार-गंटामुल्ला हिस्से की मरम्मत की अपील की।
गौरतलब है कि पिछले महीने बारामुला पुलिस ने अवैध पत्थर खनन के कारण हुए भूस्खलन के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की थी। खानपोरा में पहले हुए भूस्खलन से भी प्रदूषण का डर और संभावित पर्यावरणीय आपदा की चेतावनी मिली थी। जिला खनिज अधिकारी जुल्फिकार अहमद ने बताया कि पिछले महीने खानपोरा से शीरी तक पत्थर निकालने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। अवैध पत्थर खनन और सड़क निर्माण ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया है। हमने ऐसी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। रात के ऑपरेशन पर सख्त रोक है। निगरानी की जा रही है।
डीसी बारामुला मिंगा शेरपा ने कहा, पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण के दौरान भूस्खलन आम बात है। हालांकि हम ऐसी घटनाओं को कम करने और तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जोखिम को कम करने के लिए मिट्टी की कटाई वैज्ञानिक तरीके से की जाए यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने और सुचारु यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के काम की अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
सरकार बारामुला-उड़ी रूट के विकल्प के तौर पर झेलम वैली रोड की समीक्षा करेगी : जावेद डार
बारामुला। मंत्री जावेद डार ने शनिवार को कहा कि सरकार बारामुला-उड़ी हाईवे के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर झेलम वैली रोड को विकसित करने के प्रस्ताव की समीक्षा करेगी। हाईवे पर बार-बार होने वाले भूस्खलन के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। मंत्री ने कहा कि इसकी व्यवहार्यता और व्यावहारिकता का आकलन करने के लिए इस मुद्दे का विस्तार से मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगा। यह पता लगाएगा कि व्यावहारिक तरीके से क्या आगे बढ़ाया जा सकता है।
जावेद डार इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे जिसमें सोपोर फ्रूट मंडी के कामकाज का मुद्दा भी शामिल था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक के दौरान विभाग को सोपोर फ्रूट मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के तरीकों का पता लगाने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया था। आज की बैठक उसी दिशा में की गई। भीड़भाड़ कम करने और मंडी के समग्र कामकाज में सुधार के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं के निर्माण, स्ट्रीट लाइट लगाने और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे जैसी प्रमुख आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री ने कहा कि चर्चाओं और आकलन के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के बाद उसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित उपायों को मंजूरी दी जाएगी। चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। सिर्फ 20 दिनों में दूसरी बार हुए भूस्खलन से श्रीनगर-बारामुला-उड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-1) पर ट्रैफिक बाधित हुआ। इससे लोगों की जान को खतरा पैदा होने से स्थानीय लोगों में रोष व्यक्त किया।
बता दें कि उड़ी में ईको पार्क के पास शुक्रवार को सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और टनों के हिसाब से मिट्टी गिर गई जिससे गाड़ी चलाने वालों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ लेकिन घटना ने सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को और बढ़ा दिया है। स्थानीय निवासियों ने सीधे तौर पर भूस्खलन के लिए खराब प्लानिंग और लगातार लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
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स्थानीय निवासी मोहम्मद रमजान ने कहा कि प्रशासन का सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया देखना बहुत परेशान करने वाला है। जब इस हाईवे पर नियमित रूप से भूस्खलन होता है तो लोग घरों से निकलने से डरने लगेंगे। उन्होंने प्रशासन से इस बढ़ती चिंता को जिम्मेदारी से दूर करने का आग्रह किया। बशारत अहमद ने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि यह दिन में हुआ। अगर रात होती तो शायद कोई बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
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जुबैर मीर ने प्रशासन से खादनियार-गंटामुल्ला सड़क को एक कार्यात्मक वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि डंखन के पास ईको पार्क से सटे इलाके में बार-बार होने वाले भूस्खलन और जारी हाईवे चौड़ीकरण के काम के कारण नियमित लग रहे ट्रैफिक जाम से लोगों को असुविधा होती है। मीर ने राहत प्रदान करने के लिए लगभग तीन किलोमीटर लंबे खादनियार-गंटामुल्ला हिस्से की मरम्मत की अपील की।
गौरतलब है कि पिछले महीने बारामुला पुलिस ने अवैध पत्थर खनन के कारण हुए भूस्खलन के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की थी। खानपोरा में पहले हुए भूस्खलन से भी प्रदूषण का डर और संभावित पर्यावरणीय आपदा की चेतावनी मिली थी। जिला खनिज अधिकारी जुल्फिकार अहमद ने बताया कि पिछले महीने खानपोरा से शीरी तक पत्थर निकालने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। अवैध पत्थर खनन और सड़क निर्माण ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया है। हमने ऐसी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। रात के ऑपरेशन पर सख्त रोक है। निगरानी की जा रही है।
डीसी बारामुला मिंगा शेरपा ने कहा, पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण के दौरान भूस्खलन आम बात है। हालांकि हम ऐसी घटनाओं को कम करने और तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जोखिम को कम करने के लिए मिट्टी की कटाई वैज्ञानिक तरीके से की जाए यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने और सुचारु यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के काम की अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
सरकार बारामुला-उड़ी रूट के विकल्प के तौर पर झेलम वैली रोड की समीक्षा करेगी : जावेद डार
बारामुला। मंत्री जावेद डार ने शनिवार को कहा कि सरकार बारामुला-उड़ी हाईवे के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर झेलम वैली रोड को विकसित करने के प्रस्ताव की समीक्षा करेगी। हाईवे पर बार-बार होने वाले भूस्खलन के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। मंत्री ने कहा कि इसकी व्यवहार्यता और व्यावहारिकता का आकलन करने के लिए इस मुद्दे का विस्तार से मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगा। यह पता लगाएगा कि व्यावहारिक तरीके से क्या आगे बढ़ाया जा सकता है।
जावेद डार इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे जिसमें सोपोर फ्रूट मंडी के कामकाज का मुद्दा भी शामिल था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक के दौरान विभाग को सोपोर फ्रूट मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के तरीकों का पता लगाने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया था। आज की बैठक उसी दिशा में की गई। भीड़भाड़ कम करने और मंडी के समग्र कामकाज में सुधार के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं के निर्माण, स्ट्रीट लाइट लगाने और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे जैसी प्रमुख आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री ने कहा कि चर्चाओं और आकलन के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के बाद उसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित उपायों को मंजूरी दी जाएगी। चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा।