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Srinagar News: शोपियां में चेरी उगाने वाले किसान मांग रहे फसल का बीमा
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शोपियां में चेरी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। जिला बड़े पैमाने पर सेब के उत्पादन के लिए जाना जाता है, कई दशकों से चेरी की खेती का भी केंद्र है। जिले के चेरी के बागों का एक बड़ा हिस्सा जैनापोरा निर्वाचन क्षेत्र में है जहां हजारों किसान अपनी आजीविका के लिए इस फसल पर निर्भर हैं। चेरी उगाने वाले किसान फसल बीमा की मांग कर रहे हैं।
इस साल चेरी उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। फसल कटाई के अहम मौसम के दौरान बार-बार ओलावृष्टि और खराब मौसम की वजह से फसल को नुकसान पहुंचा है। जैनापोरा के अलग-अलग इलाकों के किसानों ने बागों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अप्रत्याशित मौसम ने पैदावार की गुणवत्ता और मात्रा, दोनों पर बुरा असर डाला है।
प्रभावित किसानों ने सरकार से अपील की है कि चेरी की खेती को भी फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाए, जैसा कि कई अन्य कृषि और बागवानी फसलों के लिए किया गया है। उनका तर्क है कि चेरी कई किसान परिवारों के लिए आय का एक अहम ज़रिया है, इसलिए इसे मौजूदा बीमा योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए।
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किसानों ने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन लेने वाले किसानों को राहत दी जाए। उन्होंने मांग की है कि उन्हें ब्याज में छूट और दूसरी आर्थिक मदद दी जाए ताकि वे इस सीजन में हुए नुकसान से उबर सकें और अपनी आजीविका बचा सकें।
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शोपियां। जिला बड़े पैमाने पर सेब के उत्पादन के लिए जाना जाता है, कई दशकों से चेरी की खेती का भी केंद्र है। जिले के चेरी के बागों का एक बड़ा हिस्सा जैनापोरा निर्वाचन क्षेत्र में है जहां हजारों किसान अपनी आजीविका के लिए इस फसल पर निर्भर हैं। चेरी उगाने वाले किसान फसल बीमा की मांग कर रहे हैं।
इस साल चेरी उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। फसल कटाई के अहम मौसम के दौरान बार-बार ओलावृष्टि और खराब मौसम की वजह से फसल को नुकसान पहुंचा है। जैनापोरा के अलग-अलग इलाकों के किसानों ने बागों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अप्रत्याशित मौसम ने पैदावार की गुणवत्ता और मात्रा, दोनों पर बुरा असर डाला है।
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प्रभावित किसानों ने सरकार से अपील की है कि चेरी की खेती को भी फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाए, जैसा कि कई अन्य कृषि और बागवानी फसलों के लिए किया गया है। उनका तर्क है कि चेरी कई किसान परिवारों के लिए आय का एक अहम ज़रिया है, इसलिए इसे मौजूदा बीमा योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए।
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किसानों ने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन लेने वाले किसानों को राहत दी जाए। उन्होंने मांग की है कि उन्हें ब्याज में छूट और दूसरी आर्थिक मदद दी जाए ताकि वे इस सीजन में हुए नुकसान से उबर सकें और अपनी आजीविका बचा सकें।