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Srinagar News: छात्रों ने प्रिंसिपल के निलंबन का किया विरोध, एलजी व मुख्यमंत्री से की दखल की मांग
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अमर सिंह कॉलेज के छात्रों ने कहा, पारदर्शिता का समर्थन करने वाले एक प्रशासक को सजा देना गलत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। अमर सिंह कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज के प्रिंसिपल के निलंबन का शनिवार को विरोध किया। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वे खुद इस मामले में दखल दें और कॉलेज में हाल ही में हुए उत्पीड़न विवाद के बाद लिए गए इस फैसले की निष्पक्ष समीक्षा सुनिश्चित करें।
कई छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान जिम्मेदारी से काम किया। यह सुनिश्चित किया कि इस मुद्दे को उचित संस्थागत तरीकों और सही प्रक्रिया के तहत ही सुलझाया जाए। एक छात्र वसीम अहमद (बदला हुआ नाम) ने कहा कि प्रिंसिपल का निलंबत गलत है। एक ऐसे प्रशासक के खिलाफ कार्रवाई करना जिसने छात्रों का साथ दिया और पारदर्शिता बनाए रखी, शैक्षणिक संस्थानों में एक गलत संदेश दे सकता है।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि इस विवाद में आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करना सही था लेकिन प्रिंसिपल को बिना ठोस वजह के उन्हें निलंबित करने से हमें निराशा हुई है। एक अन्य छात्र मूमिन ने कहा कि इस मामले को उचित जांच और संस्थागत माध्यमों से ही सुलझाया जाए। पारदर्शिता का समर्थन करने वाले एक प्रशासक को सजा देना गलत लगता है। उसने उपराज्यपाल से अपील की कि वे इस मामले को खुद देखें।
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इस बीच सूत्रों ने बताया कि प्रिंसिपल के निलंबन का आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि कथित तौर पर कुछ बाहरी लोग कॉलेज परिसर के अंदर छात्रों के साथ प्रदर्शन करते हुए देखे गए थे जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। हालांकि प्रिंसिपल के निलंबन के पीछे के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि शुक्रवार को शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने अमर सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल और एक असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित करने का आदेश दिया था। यह आदेश कॉलेज परिसर के अंदर छात्रों के प्रदर्शनों को भड़काने वाले हालिया विवाद के बाद दिया गया था। मामले की जांच एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन वीरवार को तब शुरू हुआ जब छात्रों ने कॉलेज कैंपस के अंदर एक छात्रा के साथ कथित तौर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। दोपहर के सत्र के दौरान मीडिया स्टडीज विभाग के छात्र कॉलेज परिसर में जमा हुए और प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया स्टडीज विभाग के एचओडी के खिलाफ आरोप लगाए। इन प्रदर्शनों के बाद उच्च शिक्षा विभाग और कॉलेज प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया।
इससे पहले अमर सिंह कॉलेज श्रीनगर के प्रिंसिपल द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में मीडिया स्टडीज विभाग के एचओडी डॉ. परवेज अहमद लोन को जांच के परिणाम आने तक तत्काल प्रभाव से विभाग के सभी शैक्षणिक कार्यों से अलग कर दिया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। अमर सिंह कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज के प्रिंसिपल के निलंबन का शनिवार को विरोध किया। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वे खुद इस मामले में दखल दें और कॉलेज में हाल ही में हुए उत्पीड़न विवाद के बाद लिए गए इस फैसले की निष्पक्ष समीक्षा सुनिश्चित करें।
कई छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान जिम्मेदारी से काम किया। यह सुनिश्चित किया कि इस मुद्दे को उचित संस्थागत तरीकों और सही प्रक्रिया के तहत ही सुलझाया जाए। एक छात्र वसीम अहमद (बदला हुआ नाम) ने कहा कि प्रिंसिपल का निलंबत गलत है। एक ऐसे प्रशासक के खिलाफ कार्रवाई करना जिसने छात्रों का साथ दिया और पारदर्शिता बनाए रखी, शैक्षणिक संस्थानों में एक गलत संदेश दे सकता है।
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उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि इस विवाद में आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करना सही था लेकिन प्रिंसिपल को बिना ठोस वजह के उन्हें निलंबित करने से हमें निराशा हुई है। एक अन्य छात्र मूमिन ने कहा कि इस मामले को उचित जांच और संस्थागत माध्यमों से ही सुलझाया जाए। पारदर्शिता का समर्थन करने वाले एक प्रशासक को सजा देना गलत लगता है। उसने उपराज्यपाल से अपील की कि वे इस मामले को खुद देखें।
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इस बीच सूत्रों ने बताया कि प्रिंसिपल के निलंबन का आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि कथित तौर पर कुछ बाहरी लोग कॉलेज परिसर के अंदर छात्रों के साथ प्रदर्शन करते हुए देखे गए थे जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। हालांकि प्रिंसिपल के निलंबन के पीछे के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि शुक्रवार को शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने अमर सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल और एक असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित करने का आदेश दिया था। यह आदेश कॉलेज परिसर के अंदर छात्रों के प्रदर्शनों को भड़काने वाले हालिया विवाद के बाद दिया गया था। मामले की जांच एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन वीरवार को तब शुरू हुआ जब छात्रों ने कॉलेज कैंपस के अंदर एक छात्रा के साथ कथित तौर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। दोपहर के सत्र के दौरान मीडिया स्टडीज विभाग के छात्र कॉलेज परिसर में जमा हुए और प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया स्टडीज विभाग के एचओडी के खिलाफ आरोप लगाए। इन प्रदर्शनों के बाद उच्च शिक्षा विभाग और कॉलेज प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया।
इससे पहले अमर सिंह कॉलेज श्रीनगर के प्रिंसिपल द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में मीडिया स्टडीज विभाग के एचओडी डॉ. परवेज अहमद लोन को जांच के परिणाम आने तक तत्काल प्रभाव से विभाग के सभी शैक्षणिक कार्यों से अलग कर दिया गया था।