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पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नया कदम: घोड़े वाले से लेकर फोटोग्राफर तक, अब QR कोड से होगी असली-नकली की पहचान

Sat, 18 Apr 2026 05:30 PM IST
Nikita Gupta अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Sat, 18 Apr 2026 05:30 PM IST
सार

पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली शुरू की है, जिससे सेवा प्रदाताओं की सत्यता तुरंत जांची जा सकेगी। इस पहल से फर्जी और संदिग्ध लोगों पर रोक लगेगी और सैलानियों को सुरक्षित व भरोसेमंद सेवाएं मिलेंगी।

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Scanning will now identify genuine and fake service providers.
पहलगाम में क्यूआर कोड दिखाता स्थानीय एवं बिहार का विक्रेता। - फोटो : संवाद

विस्तार

पहलगाम आतंकी घटना के बाद पर्यटकों के मन में सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं को दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अत्याधुनिक समाधान निकाला है। सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें धोखाधड़ी से बचाने के लिए अब विशेष क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत पर्यटक अब केवल एक स्कैन के जरिए यह जान सकेंगे कि उनकी सेवा करने वाला व्यक्ति अधिकृत है या नहीं।

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इस सुविधा के तहत पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हर सेवा प्रदाताओं चाहे वह घोड़े वाले हों, फोटोग्राफर, चाय विक्रेता या भेलपुरी वाले हों... सभी को पुलिस सत्यापन के बाद एक यूनिक क्यूआर कोड और पहचान पत्र जारी किया गया है। जब पर्यटक इस कोड को मोबाइल से स्कैन करेगा उसे संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाएगा कि प्रदाता पंजीकृत है या कोई संदिग्ध बाहरी तत्व। इस कदम का उद्देश्य शरारती तत्वों और फर्जी लोगों से पर्यटकों को सुरक्षित रखना है। इस कदम का स्थानीय प्रदाताओं ने भी स्वागत किया है।
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सजाद अहमद भट ने कहा कि पुलिस और सुरक्षाबल बीच-बीच में जांच भी करते हैं। क्यूआर कोड एक अच्छा प्रयास है जो सेवा प्रदाताओं के लिए भी लाभदायक है। फोटोग्राफर रफीक अहमद ने कहा कि हमें क्यूआर कोड जारी किए गए हैं जिसमें प्रदाता की पूरी जानकारी दी गई है। क्यूआर प्रणाली के साथ न केवल स्थानीय बल्कि गैर स्थानीय लोगों को भी पंजीकृत किया गया है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
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बिहार के सुधीर शाह ने बताया कि वह पिछले दो महीने से यहां पर हैं और भेलपुरी बेचते हैं। हमने घर से वेरिफिकेशन साथ लाई थी जिसके बाद उसे थाने में जमा कराया। इसके बाद यहां काम करने की अनुमति मिली और क्यूआर कोड जारी किया गया। बता दें कि पहलगाम में दाखिल होने पर आपको सुरक्षा का एहसास होने लगता है। सबसे पहले एंट्री पॉइंट पर वाहनों की तलाशी ली जाती है।

क्यूआर कोड में सेवा प्रदाता की ये जानकारियां : 
क्यूआर कोड स्कैन करने पर पर्यटक को जो जानकारियां मिलती हैं उनमें प्रदाता का नाम, पिता का नाम, पता, तहसील, जिला, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पिन कोड, प्रोफेशन (पेशा), रजिस्ट्रेशन नंबर, ऑपरेशनल रूट और वह पुलिस द्वारा सत्यापित है या नहीं आदि शामिल हैं।

अब भी पहले जैसी चहल-पहल का है इंतजार :
बता दें कि इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में स्थित मिनी स्विजरलैंड बायसरन में 22 अप्रैल, 2025 में आतंकी हमला हुआ था। करीब एक साल बीत जाने के बाद पहलगाम की वादियों में ज्यादा कुछ तब्दीली नहीं आई है। पहलगाम का मुख्य बाजार अब भी उस चहल पहल का इंतजार कर रहा है जो कभी हमले से पहले देखने को मिलती थी। होटलों में भी पर्यटकों की आमद ज्यादा नहीं है। हां, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था में जरूर बदलाव हुआ है।

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