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J&K: नाइजर में वरिष्ठ भारतीय सुरक्षा अधिकारी आतंकियों के कब्जे में, सीएम उमर ने केंद्र से लगाई मदद की गुहार
Sun, 20 Jul 2025 06:44 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 20 Jul 2025 06:44 PM IST
सार
सीएम उमर अब्दुल्ला ने नाइजर में अगवा हुए रामबन निवासी रंजीत सिंह की सुरक्षित रिहाई के लिए विदेश मंत्री एस.जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। रंजीत सिंह 15 जुलाई को नाइजर में हुए आतंकी हमले के बाद लापता हैं, उनकी पत्नी मदद की गुहार लगा रही हैं।
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नाइजर में बंधक बनाए गए रणजीत सिंह की पत्नी शीला देवी
- फोटो : ANI
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नाइजर में आतंकवादियों द्वारा अगवा किए गए रामबन जिले के निवासी रंजीत सिंह की रिहाई के लिए केंद्र सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। मुख्यमंत्री ने विदेश मामलों के मंत्री एस जयशंकर से अपील की है कि वे रंजीत सिंह को सुरक्षित और शीघ्र वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
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रंजीत सिंह, जो नाइजर में ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, 15 जुलाई से अपने परिवार से संपर्क में नहीं हैं। उनकी पत्नी शीला देवी ने बताया कि उस दिन नाइजर के डोसो क्षेत्र में हुए एक आतंकी हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और रंजीत को अगवा कर लिया गया।
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शीला देवी ने कहा कि उन्होंने कंपनी प्रबंधन से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि कार्यस्थल पर नेटवर्क नहीं है, लेकिन अगले दिन रंजीत के मित्र ने अगवा होने की जानकारी दी। शीला देवी ने सरकार और कंपनी पर रंजीत की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रयास न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी मदद मांगी है।
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इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार रंजीत की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयासरत हैं। घटनास्थल नाइजर की राजधानी नियामी से लगभग 130 किलोमीटर दूर है, जहां आतंकियों ने सेना के एक गश्ती दल पर हमला किया था।
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