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नेक्स्ट के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Wed, 01 Feb 2017 08:57 PM IST
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श्रीनगर में बेस अस्पताल में एमसीआई के खिलाफ नारेबाजी करते मेडिकल कालेज के छात्र छात्राए
- फोटो : amar ujala.
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नेशनल एक्जिट टेस्ट के विरोध में मेडिकल कालेज के छात्र व आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के सदस्यों ने बुधवार को बेस अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।
आईएमए के नगर सचिव डा. दिनेश चौहान ने कहा कि एमसीआई (मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया) ने भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि एमबीबीएस करने के बाद पीजी कोर्स करने के लिए छात्रों को नेशनल एक्जिट टेस्ट देना होगा। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही छात्र पीजी कोर्स व प्रेक्टिस कर पाएगा।
जबकि विदेश से डाक्टरी की डिग्री हासिल करने वाले छात्रों के लिए इस परीक्षा की बाध्यता नहीं है। डा. चौहान ने बताया कि एमसीआई का यह प्रस्ताव देश के एमबीबीएस छात्रों के लिए नुकसान दायक है। प्रस्ताव के विरोध में एमबीबीएस छात्रों के धरने को आईएमए भी समर्थन कर रही है।
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डा. चौहान ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण के तहत एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया है। अगर जल्द इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। बता दें, कि प्रदर्शन के लिए पहले प्रशासन से अनुमति ले ली गई थी।
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आईएमए के नगर सचिव डा. दिनेश चौहान ने कहा कि एमसीआई (मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया) ने भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि एमबीबीएस करने के बाद पीजी कोर्स करने के लिए छात्रों को नेशनल एक्जिट टेस्ट देना होगा। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही छात्र पीजी कोर्स व प्रेक्टिस कर पाएगा।
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जबकि विदेश से डाक्टरी की डिग्री हासिल करने वाले छात्रों के लिए इस परीक्षा की बाध्यता नहीं है। डा. चौहान ने बताया कि एमसीआई का यह प्रस्ताव देश के एमबीबीएस छात्रों के लिए नुकसान दायक है। प्रस्ताव के विरोध में एमबीबीएस छात्रों के धरने को आईएमए भी समर्थन कर रही है।
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डा. चौहान ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण के तहत एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया है। अगर जल्द इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। बता दें, कि प्रदर्शन के लिए पहले प्रशासन से अनुमति ले ली गई थी।