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Pulwama: पुलवामा में इंसानियत की मिसाल, कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में जुटे सभी समुदाय
Wed, 20 May 2026 04:15 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, पुलवामा
अमर उजाला नेटवर्क, पुलवामा
Published by: Nikita Gupta
Updated Wed, 20 May 2026 04:15 PM IST
सार
पुलवामा के त्राल क्षेत्र में कश्मीरी पंडित महिला जिगरी के निधन के बाद मुस्लिम, सिख और हिंदू समुदाय के लोग बड़ी संख्या में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में इंसानियत और भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिली जहां एक कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में मुस्लिम सिख और हिंदू समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
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मिडोरा गांव की 90 वर्षीय जिगरी नामक महिला का मंगलवार को निधन हो गया था। वह वर्ष 1990 में आतंकवाद के दौर के बाद भी अपने पैतृक गांव में ही रहीं। जैसे ही उनके निधन की खबर फैली आसपास के सैकड़ों लोग उनके घर पहुंचे और अंतिम संस्कार की सभी रस्मों में मदद की। स्थानीय श्मशान घाट पर उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि जिगरी और उनका परिवार हमेशा से गांव में आपसी भाईचारे के साथ रहा। उनके पति पारंपरिक वैद्य (हकीम) के रूप में लोगों का इलाज करते थे और क्षेत्र में सभी समुदायों के बीच गहरा सम्मान रखते थे। लोगों ने कहा कि यह घटना कश्मीर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता की एक मजबूत मिसाल है।
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