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कश्मीरी पंडितों का आक्रोश: कहा- आखिर चाहती क्या है सरकार, जिन्हें विशेष दर्जा दिया जा रहा वे भाजपा के क्या लगते हैं?

Sat, 21 May 2022 09:44 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर। 
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर।  Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 21 May 2022 09:44 PM IST
सार

एक कश्मीरी पंडित ने सवाल किया कि सिफारिश के आधार पर कई कर्मचारियों का जम्मू तबादला किया गया है। आखिर वे भाजपा के क्या लगते हैं जिन्हें विशेष दर्जा दिया जा रहा है। कर्मचारियों का आक्रोश देख भाजपा नेता को वहां से निकलना पड़ा। 

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Kashmiri Pandit employees persistently adamant about their demands After murder of Kashmiri Pandit Rahul Bhat
झेलम नदी में राहुल भट की आत्मिक शांति के लिए पूजा - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

कश्मीरी पंडित कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। शनिवार को श्रीनगर में उन्होंने रोष मार्च निकाला। उनकी एक ही मांग है कि उन्हें कश्मीर से बाहर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। रोष मार्च के दौरान उन्होंने कहा कि अगर हम सब पीएम पैकेज के तहत लगे हैं तो पैकेज के उन 550 कर्मचारियों का जम्मू में क्यों तबादला किया गया, जिनके पास सिफारिश थी। उनमें भाजपा के एक नेता का बेटा भी शामिल है। इस दौरान भाजपा के नेता अल्ताफ ठाकुर को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

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कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने राहुल भट की हत्या के विरोध में श्रीनगर में रैली निकाली। श्रीनगर के राजबाग इलाके में शनिवार को कश्मीरी पंडित समुदाय के लोग एकत्रित हुए। इनमें कई बडगाम के शेखपोरा और श्रीनगर के इंदिरा नगर से पहुंचे थे। रैली में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। मार्च के दौरान कश्मीरी पंडितों ने लाल मंडी के पास झेलम नदी में राहुल भट की आत्मिक शांति के लिए पूजा की और फूल विसर्जित किए।
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प्रदर्शनकारी अश्वनी ने कहा कि उपराज्यपाल हमें सब्र रखने के लिए कहते हैं लेकिन शायद वह चाहते हैं कि एक राहुल गया और जब तक और दस नहीं जाते तब तक वो आश्वासन ही देते रहेंगे। सरकार खोखले दावे करती है। एक अन्य प्रदर्शनकारी अमित ने कहा कि उनकी एक ही मांग है कि उन्हें घाटी से बाहर सुरक्षित स्थानों पर तैनाती दी जाए। साथ ही जो असंवैधानिक बाँड लिखवाया गया है, उसे रद्द किया जाए।


 

इसके बाद मार्च श्रीनगर के लाल चौक स्थित ऐतिहासिक घंटा घर पहुंचा। जहां बीच सड़क काफी देर तक प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर प्रदेश प्रशासन और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। यहां से मार्च जवाहर नगर स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचा। यहां भी नारेबाजी की गई। इस दौरान भाजपा नेता अल्ताफ  ठाकुर और कुछ अन्य आश्वासन देने पहुंचे लेकिन उन्हें प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

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