'अब घड़ा भर चुका है': आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने का वक्त आ गया, अब्दुल्ला बोले- पाकिस्तान कभी नहीं जीतेगा
फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर कभी पाकिस्तान के साथ नहीं था और अब वक्त आ गया है कि देश एकजुट होकर आतंकवाद का अंत करे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शनिवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील की और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। एएनआई से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा अब घड़ा भर गया है, अब आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। जम्मू-कश्मीर ने कभी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया और न ही कभी देगा।
हम भी रोए, हमने भी खाना नहीं खाया
जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, मैं उस दुल्हन से कहना चाहता हूं जिसकी शादी को सिर्फ छह दिन हुए थे, उस बच्चे से जिसने अपने पिता को खून से लथपथ देखा , हम भी रोए, हम भी खाना नहीं खाया। ऐसे राक्षस अभी भी जीवित हैं जो लोगों को मार डालते हैं। वे मनुष्य नहीं हैं।
और वे खुद को मुसलमान बताते हैं, मैं नहीं मानता कि वे मुसलमान हैं। आतंकवाद के कारण अपनों को खो चुके परिवारों के साथ हम खड़े हैं। मैं उन्हें यकीन दिलाता हूं कि ये कुर्बानियां व्यर्थ नहीं जाएंगी। हर एक को दंड मिलेगा। हम इसे पिछले 35 वर्षों से देख रहे हैं, लेकिन वे जीत नहीं पाए हैं और न कभी जीत पाएंगे।
सिंधु जल संधि पर फारूक अब्दुल्ला का सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि की भी आलोचना की और सीमा पार की हिंसा को खत्म करने की मांग की। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से कोई राय नहीं ली गई थी जब यह संधि बनाई गई थी।
पानी की एक बाल्टी के लिए भी लेनी पड़ती है इजाजत
इस संधि से जम्मू-कश्मीर सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। हमें बिजलीघर नहीं बनाने की अनुमति है। पानी की एक बाल्टी लेने के लिए हमें पूछना पड़ता है। मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि उस पानी का कुछ हिस्सा जम्मू के लोगों के लिए लाया जाए।
यह खबर भी पढ़ें: Kashmir: पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान की साजिश, रोकना चाहता है जम्मू-कश्मीर की प्रगति; बोले फारूक अब्दुल्ला
भारत गांधी का देश है, हम क्रूर नहीं हैं
गांधी का देश भारत है। हां, आज हमने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि हम पानी को रोक सकते हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं मारेंगे। हम क्रूर नहीं हैं। उन्होंने अपने ही लोगों पर अत्याचार किए हैं। बलूचिस्तान और सिंध की हालत देखें। उन्होंने कहा कि वे अपने देश को बचा नहीं पाए, हमारे देश को बर्बाद करना चाहते हैं।
हमले के बाद पहलगाम में पर्यटकों से मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें साहस मिला।
जब मैंने पर्यटकों से मुलाकात की तो बच्चों ने कहा अंकल, हम आपके साथ खड़े हैं। इससे अधिक महत्वपूर्ण क्या हो सकता है? मैं देश भर से आह्वान करता हूं कि आप यहां आकर आतंकवाद और पाकिस्तान को करारा जवाब दें। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि कश्मीर कभी भी पाकिस्तान के साथ खड़ा नहीं हुआ था।
महबूबा मुफ्ती आतंकियों के घर जाती थीं
किसने कश्मीरी पंडितों को मार डाला? मुख्यमंत्री रहते हुए मैं बहुत जगह नहीं जा सका, लेकिन महबूबा मुफ्ती आतंकियों के घर जाती थीं। हम कभी आतंकवाद के साथ नहीं थे, हम कभी पाकिस्तानी नहीं थे और नहीं होंगे। कश्मीर भारत का ताज है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ जी यहां हैं और वही हमारी रक्षा करेंगे।
यह समय ऐसे बयान देने का नहीं
कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी की हाल की टिप्पणी पर बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसा करना अभी सही नहीं है। इस समय इस तरह की बातें करना उचित नहीं है। हम ऐसा करने से अपने दुश्मन को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले इस मुद्दे का समाधान करें, फिर बाकी बातें हो सकती हैं।
यह खबर भी पढ़ें: कश्मीर हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा: 'आतंकी हमले के बावजूद कश्मीर में पर्यटकों का विश्वास बरकरार', बोले फारूक
डरने की कोई जरूरत नहीं, भोले बाबा का आशीर्वाद सब पर है
अमरनाथ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा अमरनाथ यात्रा पर आने वालों को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अमरनाथ स्वयं उनकी रक्षा करेंगे। आप सभी आइए और भोले बाबा का दर्शन कीजिए।