जम्मू-कश्मीर: एलओसी के पास सेना के डॉक्टरों ने 220 लोगों की लौटाई रोशनी, एलजी सिन्हा ने की सराहना
कुपवाड़ा के तंगधार में ऑपरेशन दृष्टि के तहत एफएमएस के डॉक्टरों ने दो दिवसीय शिविर में 220 से अधिक लोगों की आंखों की सर्जरी की।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कुपवाड़ा जिले के सीमावर्ती इलाके में 220 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी बहाल करने के लिए सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की टीम की सराहना की है।
अधिकारियों के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास कुपवाड़ा के तंगधार इलाके में दो दिवसीय मेगा आई सर्जिकल कैंप के दौरान एफएमएस के डॉक्टरों ने 220 से अधिक दृष्टि बहाल करने वाली सर्जरी कीं।
यह शिविर ऑपरेशन दृष्टि के तहत आयोजित किया गया था। तंगधार के कर्णाह इलाके में एक भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में 10वें मेगा आई सर्जिकल कैंप का आयोजन किया गया। यह क्षेत्र नियंत्रण रेखा के पास होने के कारण गोलाबारी की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
उपराज्यपाल सिन्हा ने इस उपलब्धि को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र में भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाना एफएमएस के डॉक्टरों और कर्मियों के समर्पण को दर्शाता है।
सिन्हा ने कहा कि ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने ऑपरेशन सद्भावना की भावना को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि दूरदराज के सीमावर्ती गांवों तक आधुनिक आंखों की सर्जरी की सुविधा पहुंचाई गई, ताकि कोई भी नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
शिविर में फेकोइमल्सिफिकेशन, रेटिना और ग्लूकोमा से संबंधित आधुनिक प्रक्रियाएं भी की गईं। शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भी शिविर का दौरा किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें दवाइयां और उपहार वितरित किए।