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Srinagar News: 11 मामलों में वांछित शातिर धोखेबाज को ईओडब्ल्यू कश्मीर ने गिरफ्तार कर भेजा सेंट्रल जेल
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच के तहत आने वाली आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), कश्मीर ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे शातिर और आदतन धोखेबाज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अब्दुल मजीद मीर के रूप में हुई है, जो लश्तियाल, कलारूस, कुपवाड़ा का रहने वाला है। पुलिस ने यह कार्रवाई माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीनगर की अदालत द्वारा जारी किए गए एक लंबे समय से लंबित गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की है।
यह पूरा मामला क्राइम ब्रांच कश्मीर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, अदालत के समक्ष चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी थी, जिसके बाद से आरोपी की तलाश जारी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब्दुल मजीद मीर एक कुख्यात और आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में धोखाधड़ी और नौकरी के फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़े कुल 11 मामले दर्ज हैं। इन 11 मामलों में से चार में अभी जांच जारी है, जबकि 7 मामलों में पुलिस पहले ही अदालत के सामने चार्जशीट पेश कर चुकी है।
हाल ही में मिली एक ठोस और विश्वसनीय सूचना के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने जाल बिछाकर आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालती आदेशों के अनुपालन में उसे न्यायिक हिरासत के तहत सेंट्रल जेल, श्रीनगर भेज दिया गया है।
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आरोपी के खिलाफ 2015 और 2018 में क्राइम ब्रांच कश्मीर में मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद, साल 2020 में माईसुमा पुलिस स्टेशन और 2022 में कुपवाड़ा पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। साल 2025 में उसके खिलाफ ईओडब्ल्यू कश्मीर, पंथा चौक, लाल बाजार और कुपवाड़ा पुलिस स्टेशनों में चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। वहीं, चालू वर्ष 2026 में भी ईओडब्ल्यू कश्मीर ने उसके खिलाफ तीन नए मामले दर्ज किए हैं।
इस बड़ी कामयाबी के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओओडब्ल्यू), कश्मीर ने आम जनता से भी एक विशेष अपील जारी की है। विभाग ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि वे धोखाधड़ी, जालसाजी और नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले तत्वों से पूरी तरह सतर्क रहें। जनता को सलाह दी गई है कि सरकारी नौकरी के झूठे वादों या फर्जी नियुक्ति पत्रों के झांसे में बिल्कुल न आएं। पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी संदिग्ध की जानकारी मिलती है तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या क्राइम ब्रांच को दें।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच के तहत आने वाली आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), कश्मीर ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे शातिर और आदतन धोखेबाज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अब्दुल मजीद मीर के रूप में हुई है, जो लश्तियाल, कलारूस, कुपवाड़ा का रहने वाला है। पुलिस ने यह कार्रवाई माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीनगर की अदालत द्वारा जारी किए गए एक लंबे समय से लंबित गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की है।
यह पूरा मामला क्राइम ब्रांच कश्मीर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, अदालत के समक्ष चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी थी, जिसके बाद से आरोपी की तलाश जारी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब्दुल मजीद मीर एक कुख्यात और आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में धोखाधड़ी और नौकरी के फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़े कुल 11 मामले दर्ज हैं। इन 11 मामलों में से चार में अभी जांच जारी है, जबकि 7 मामलों में पुलिस पहले ही अदालत के सामने चार्जशीट पेश कर चुकी है।
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हाल ही में मिली एक ठोस और विश्वसनीय सूचना के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने जाल बिछाकर आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालती आदेशों के अनुपालन में उसे न्यायिक हिरासत के तहत सेंट्रल जेल, श्रीनगर भेज दिया गया है।
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आरोपी के खिलाफ 2015 और 2018 में क्राइम ब्रांच कश्मीर में मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद, साल 2020 में माईसुमा पुलिस स्टेशन और 2022 में कुपवाड़ा पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। साल 2025 में उसके खिलाफ ईओडब्ल्यू कश्मीर, पंथा चौक, लाल बाजार और कुपवाड़ा पुलिस स्टेशनों में चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। वहीं, चालू वर्ष 2026 में भी ईओडब्ल्यू कश्मीर ने उसके खिलाफ तीन नए मामले दर्ज किए हैं।
इस बड़ी कामयाबी के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओओडब्ल्यू), कश्मीर ने आम जनता से भी एक विशेष अपील जारी की है। विभाग ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि वे धोखाधड़ी, जालसाजी और नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले तत्वों से पूरी तरह सतर्क रहें। जनता को सलाह दी गई है कि सरकारी नौकरी के झूठे वादों या फर्जी नियुक्ति पत्रों के झांसे में बिल्कुल न आएं। पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी संदिग्ध की जानकारी मिलती है तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या क्राइम ब्रांच को दें।