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1990 के दशक में आतंकवाद के लिए एनसी जिम्मेदार : बुखारी
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कहा, कश्मीर पर बनने वाली फिल्में जनता की पीड़ा को नजरअंदाज कर भावनाओं से खेलती हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने रविवार को आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) 1990 के दशक में कश्मीर में आतंकवाद के उभरने के लिए जिम्मेदार है। उनका कहना था कि दशकों तक चुनावों में धांधली ने लोकतंत्र से लोगों का भरोसा खत्म कर दिया और क्षेत्र को अशांति में धकेल दिया।
बांदीपोरा में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बुखारी ने कहा कि आतंकवाद की जड़ें हेराफेरी वाले चुनावों में हैं। खासकर 1987 के विधानसभा चुनाव में यह देखने को मिला। आज भी कहता हूं कि अगर चुनावों में धांधली नहीं हुई होती (खासकर 1987 में) तो आतंकवाद इस तरह नहीं उभरता। धांधली ने ही आतंकवाद के नेताओं को जन्म दिया। शुरू से ही लोगों को लोकतंत्र से वंचित रखा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को बार-बार कमजोर किया गया और सरकारें लोगों के जनादेश के बजाय छेड़छाड़ वाले चुनावी प्रक्रियाओं से बनती रहीं। बुखारी के मुताबिक घाटी में अशांति को बढ़ावा देने वाले कई राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस जिम्मेदार रही है।
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अनुच्छेद 370 पर बनी एक फिल्म जो हाल ही में सम्मानित हुई है, का जिक्र करते हुए बुखारी ने कहा कि ऐसी फिल्में कश्मीरियों की भावनाओं को आहत कर रही हैं। कश्मीर के लोगों की संवेदनाओं से खेलना एक खतरनाक चलन है। बुखारी ने सवाल किया कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सालों तक चुप क्यों रही। अब अचानक उन्हें राज्य का दर्जा, अनुच्छेद 370 और राजनीतिक कैदियों की याद आ गई।
उन्होंने कहा कि नेकां ने जम्मू और कश्मीर की स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों के मुद्दों पर समझौता किया और अब प्रदर्शनों के जरिये राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने की कोशिश कर रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की बात पर बुखारी ने कहा कि उनकी पार्टी सांविधानिक अधिकारों की बहाली के लिए हर शांतिपूर्ण प्रयास का समर्थन करती है लेकिन सार्वजनिक मुद्दों को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। वे इसमें शामिल नहीं हुए क्योंकि कोई सलाह-मशवरा नहीं था। हम अनुच्छेद 370 और राज्य के दर्जे की बहाली के समर्थक हैं।
उधर, बुखारी ने राजोरी और पुंछ में बादल फटने से हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे लोगों से जुड़े रहें और पूरे जम्मू और कश्मीर में आम नागरिकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते रहें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने रविवार को आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) 1990 के दशक में कश्मीर में आतंकवाद के उभरने के लिए जिम्मेदार है। उनका कहना था कि दशकों तक चुनावों में धांधली ने लोकतंत्र से लोगों का भरोसा खत्म कर दिया और क्षेत्र को अशांति में धकेल दिया।
बांदीपोरा में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बुखारी ने कहा कि आतंकवाद की जड़ें हेराफेरी वाले चुनावों में हैं। खासकर 1987 के विधानसभा चुनाव में यह देखने को मिला। आज भी कहता हूं कि अगर चुनावों में धांधली नहीं हुई होती (खासकर 1987 में) तो आतंकवाद इस तरह नहीं उभरता। धांधली ने ही आतंकवाद के नेताओं को जन्म दिया। शुरू से ही लोगों को लोकतंत्र से वंचित रखा गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को बार-बार कमजोर किया गया और सरकारें लोगों के जनादेश के बजाय छेड़छाड़ वाले चुनावी प्रक्रियाओं से बनती रहीं। बुखारी के मुताबिक घाटी में अशांति को बढ़ावा देने वाले कई राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस जिम्मेदार रही है।
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अनुच्छेद 370 पर बनी एक फिल्म जो हाल ही में सम्मानित हुई है, का जिक्र करते हुए बुखारी ने कहा कि ऐसी फिल्में कश्मीरियों की भावनाओं को आहत कर रही हैं। कश्मीर के लोगों की संवेदनाओं से खेलना एक खतरनाक चलन है। बुखारी ने सवाल किया कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सालों तक चुप क्यों रही। अब अचानक उन्हें राज्य का दर्जा, अनुच्छेद 370 और राजनीतिक कैदियों की याद आ गई।
उन्होंने कहा कि नेकां ने जम्मू और कश्मीर की स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों के मुद्दों पर समझौता किया और अब प्रदर्शनों के जरिये राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने की कोशिश कर रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की बात पर बुखारी ने कहा कि उनकी पार्टी सांविधानिक अधिकारों की बहाली के लिए हर शांतिपूर्ण प्रयास का समर्थन करती है लेकिन सार्वजनिक मुद्दों को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। वे इसमें शामिल नहीं हुए क्योंकि कोई सलाह-मशवरा नहीं था। हम अनुच्छेद 370 और राज्य के दर्जे की बहाली के समर्थक हैं।
उधर, बुखारी ने राजोरी और पुंछ में बादल फटने से हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे लोगों से जुड़े रहें और पूरे जम्मू और कश्मीर में आम नागरिकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते रहें।