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दरों में संशोधन न करने से कश्मीर गंवा देगा काम का सीजन : लोन
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और विधायक हंदवाड़ा सज्जाद लोन ने कश्मीर में विकास कार्यों के रुके होने पर चिंता जताई है। खासकर सड़क मैकाडमाइजेशन का काम ठप होने से उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र का पहले से ही सीमित कार्य सीजन बर्बाद होने के कगार पर है। एक बयान में लोन ने कहा कि कश्मीर में विकास कार्य, विशेषकर सड़क परियोजनाओं और मैकाडमाइजेशन के लिए काम का सीजन बहुत छोटा होता है। बाहरी आर्थिक दबावों के कारण यह और सिकुड़ गया है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में उथल-पुथल से कीमतों में उतार-चढ़ाव आना तय है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है, जिससे पेट्रोलियम से जुड़े इनपुट समेत सड़क निर्माण के लिए जरूरी सामग्री की लागत बढ़ गई है। लोन के मुताबिक, आरएंडबी और अन्य विकास योजनाओं के तहत सरकार ने फंड आवंटित कर दिए हैं, लेकिन जुलाई का महीना बीतने के बावजूद जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है।
इस देरी की वजह उन्होंने ठेकेदारों और सरकार के बीच दरों को लेकर गतिरोध बताया। ठेकेदार बढ़ी हुई लागत को देखते हुए दरों में संशोधन मांग रहे हैं, जबकि सरकार अब तक इसके लिए तैयार नहीं है। इसी गतिरोध के कारण सड़क मैकाडमाइजेशन और अन्य विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। लोन ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार बजट के आंकड़ों और आंकड़ों पर भरोसा कर प्रगति दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये आंकड़े जमीन पर ठोस नतीजों का विकल्प नहीं बन सकते।
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श्रीनगर। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और विधायक हंदवाड़ा सज्जाद लोन ने कश्मीर में विकास कार्यों के रुके होने पर चिंता जताई है। खासकर सड़क मैकाडमाइजेशन का काम ठप होने से उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र का पहले से ही सीमित कार्य सीजन बर्बाद होने के कगार पर है। एक बयान में लोन ने कहा कि कश्मीर में विकास कार्य, विशेषकर सड़क परियोजनाओं और मैकाडमाइजेशन के लिए काम का सीजन बहुत छोटा होता है। बाहरी आर्थिक दबावों के कारण यह और सिकुड़ गया है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में उथल-पुथल से कीमतों में उतार-चढ़ाव आना तय है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है, जिससे पेट्रोलियम से जुड़े इनपुट समेत सड़क निर्माण के लिए जरूरी सामग्री की लागत बढ़ गई है। लोन के मुताबिक, आरएंडबी और अन्य विकास योजनाओं के तहत सरकार ने फंड आवंटित कर दिए हैं, लेकिन जुलाई का महीना बीतने के बावजूद जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है।
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इस देरी की वजह उन्होंने ठेकेदारों और सरकार के बीच दरों को लेकर गतिरोध बताया। ठेकेदार बढ़ी हुई लागत को देखते हुए दरों में संशोधन मांग रहे हैं, जबकि सरकार अब तक इसके लिए तैयार नहीं है। इसी गतिरोध के कारण सड़क मैकाडमाइजेशन और अन्य विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। लोन ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार बजट के आंकड़ों और आंकड़ों पर भरोसा कर प्रगति दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये आंकड़े जमीन पर ठोस नतीजों का विकल्प नहीं बन सकते।
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