{"_id":"62153dbac5616358cf10552f","slug":"jammu-kashmir-news-shrinagar-news-jmu2543799167","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदीपोरा में लश्कर का हाइब्रिड आतंकी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदीपोरा में लश्कर का हाइब्रिड आतंकी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में पुलिस ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के एक हाईब्रिड आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक चीनी पिस्तौल और एक ग्रेनेड बरामद किया गया। आतंकी के खिलाफ बांदीपोरा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बता दें, सोमवार को हंदवाड़ा में भी जैश-ए-मोहम्मद के हाईब्रिड आतंकी को गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारी के मुताबिक मंगलवार को जिले के आलूसा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेना की 26 असम राइफल्स और सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन के जवानों के साथ मिलकर आलूसा में एक संयुक्त नाका लगाया। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को आते देखा। जवानों ने रुकने का इशारा किया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा कर उसे दबोच लिया गया।
अधिकारी के मुताबिक पूछताछ में उसने अपनी पहचान इलाहीपोरा आलूसा बांदीपोरा निवासी दानिश अहमद शाह उर्फ हारिस के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक चीनी पिस्तौल और एक ग्रेनेड बरामद किया गया। पूछताछ में दानिश ने खुलासा किया कि वह लश्कर के हैंडलर समामा उर्फ अली और पाकिस्तान में बैठे हिलाल मलिक के इशारे पर काम कर रहा था। पकड़े गए हथियार और विस्फोटक लश्कर के माध्यम से उसे उपलब्ध कराए गए थे।
विज्ञापन
हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान जाने की कर रहा था तैयारी
दानिश ने बताया कि मारे गए लश्कर के आतंकी आशिक वार ने उसे हाईब्रिड आतंकी के तौर पर भर्ती किया था और 2019 में आशिक की मौत के बाद आतंकी फैयाज वार उसे निर्देश देता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि वह विशेष हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने के लिए दस्तावेज तैयार कर रहा था। अधिकारी के मुताबिक बांदीपोरा में हाल के हमलों में सहायता करने में भी दानिश के शामिल होने का संदेह है। इसकी जांच भी जारी है।
विज्ञापन
अधिकारी के मुताबिक मंगलवार को जिले के आलूसा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेना की 26 असम राइफल्स और सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन के जवानों के साथ मिलकर आलूसा में एक संयुक्त नाका लगाया। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को आते देखा। जवानों ने रुकने का इशारा किया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा कर उसे दबोच लिया गया।
विज्ञापन
अधिकारी के मुताबिक पूछताछ में उसने अपनी पहचान इलाहीपोरा आलूसा बांदीपोरा निवासी दानिश अहमद शाह उर्फ हारिस के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक चीनी पिस्तौल और एक ग्रेनेड बरामद किया गया। पूछताछ में दानिश ने खुलासा किया कि वह लश्कर के हैंडलर समामा उर्फ अली और पाकिस्तान में बैठे हिलाल मलिक के इशारे पर काम कर रहा था। पकड़े गए हथियार और विस्फोटक लश्कर के माध्यम से उसे उपलब्ध कराए गए थे।
विज्ञापन
हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान जाने की कर रहा था तैयारी
दानिश ने बताया कि मारे गए लश्कर के आतंकी आशिक वार ने उसे हाईब्रिड आतंकी के तौर पर भर्ती किया था और 2019 में आशिक की मौत के बाद आतंकी फैयाज वार उसे निर्देश देता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि वह विशेष हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने के लिए दस्तावेज तैयार कर रहा था। अधिकारी के मुताबिक बांदीपोरा में हाल के हमलों में सहायता करने में भी दानिश के शामिल होने का संदेह है। इसकी जांच भी जारी है।