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सुरक्षाबलों की कोर ग्रुप की बैठक: घाटी में हाइब्रिड आतंकी, सोशल मीडिया पर राष्ट्र विरोधी दुष्प्रचार चुनौती, आतंकियों के खिलाफ और तेज होगी कार्रवाई

Sat, 22 Jan 2022 02:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Sat, 22 Jan 2022 02:06 AM IST
सार

श्रीनगर में आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की कोर ग्रुप की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें आतंकवाद, घुसपैठ और सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे दुष्प्रचार को लेकर व्यापक रणनीति पर विचार विर्मश हुआ। बैठक में पुलिस, सेना और अन्य एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। 

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Core group meeting of security forces: Hybrid terrorists in the valley, anti-national propaganda and OGW challenge on social media, action will be intensified against terrorists
security meeting srinagar - फोटो : संवाद

विस्तार

कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए श्रीनगर के बादामी बाग छावनी में स्थित सेना के 15 कोर मुख्यालय में शुक्रवार को हुई कोर ग्रुप की बैठक में सुरक्षा रणनीति तैयारी की गई। बैठक में हाइब्रिड आतंकियों से निपटने की रणनीति, पीओके में आतंकी हरकत को देख एलओसी पर सतकर्ता, सोशल मीडिया पर राष्ट्र विरोधी तत्वों का दुष्प्रचार, ओजीडब्ल्यू नेटवर्क आदि अहम मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। कोर ग्रुप ने आतंकवादी संगठनों और उनके आकाओं की नई रणनीति पर चर्चा की, जिसमें हाइब्रिड आतंकवादियों के उपयोग और सॉफ्ट टारगेट को निशाना बनाना शामिल हैं।

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एसआईए की स्थापना और एनआईए की बढ़ी कार्रवाई

2021 में मारे गए 15 आतंकी सुरक्षाबलों के लिए नए नाम थे जो उनके रडार पर नहीं थे। एसआईए की स्थापना और एनआईए की बढ़ी कार्रवाई जांच प्रयासों का प्रभाव दिखा रही है। ये प्रयास नशा, हवाला और ओजीडब्ल्यू नेटवर्क को लक्षित करने में प्रभावी रहे हैं। जानबूझकर आतंकवादियों को पनाह देने वालों पर कानूनी कार्रवाई बढ़ाई जा रही है।

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वर्ष 2021 में घुसपैठ, आतंकवादी घटनाओं व आतंकी भर्ती में कमी

सेना के प्रवक्ता कर्नल एमरॉन मोसवी ने बताया कि कोर ग्रुप ने 2021 के खुफिया इनपुट और सुरक्षा मापदंडों की समीक्षा की। वर्ष 2021 में घुसपैठ, आतंकवादी घटनाओं व आतंकी भर्ती में कमी, लोगों की सूचनाओं के आधार पर ऑपेरशनों में वृद्धि हुई। कानून और व्यवस्था की स्थिति में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।

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सुरक्षाबलों को नुकसान में कमी, आतंकवादियों की गिरफ्तारी और ओजीडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त संचालन और गतिविधियों के प्रभावी संचालन की ओर इशारा करते हैं। पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तानी आतंकवादियों के मारे जाने में वृद्धि हुई है।

लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह रहे मौजूद 

बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने फ्रंटलाइन सैनिकों और सभी एजेंसियों के कार्यकर्ताओं के प्रयास की सराहना की। बैठक की अध्यक्षता चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने की। बैठक में कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार, सीआरपीएफ की आईजी (श्रीनगर सेक्टर) चारु सिन्हा के अलावा नागरिक प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
 

Core group meeting of security forces: Hybrid terrorists in the valley, anti-national propaganda and OGW challenge on social media, action will be intensified against terrorists
security meeting srinagar - फोटो : संवाद

संघर्ष विराम से सुरक्षा स्थिति में सुधार

अधिकारियों ने कहा, संघर्ष विराम ने सीमा पर सुरक्षा स्थिति में सुधार किया है। हालांकि, पाकिस्तान में आतंकवादी लॉन्च पैड और आतंकवादी प्रशिक्षण गतिविधियों के खुफिया इनपुट नियंत्रण रेखा पर सतर्क रहने की आवश्यकता का संकेत देते हैं। नियंत्रण रेखा पर देर से हुए हिमपात ने घुसपैठ के मार्गों को लंबे समय तक खुला रखा है। हालांकि, प्रभावी निगरानी और सुरक्षा ने पीर पंजाल के दक्षिण सहित कुल घुसपैठ में कमी सुनिश्चित की है। आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशों, नशा और हथियारों की तस्करी के खिलाफ नियंत्रण रेखा पर चौकसी जारी है।

कश्मीरी नागरिकों की हत्या को वैध का दुष्प्रचार कर रहे

इसके अलावा बैठक में अधिकारियों ने इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिये सांठगांठ के दुष्प्रचार की चुनौती को साझा किया। अफसोस की बात है कि इन प्रयासों में आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी नागरिकों की हत्या को वैध बनाने का दुष्प्रचार शामिल है। दुष्प्रचार फैलाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग व्यापक है और एक संयुक्त प्रयास द्वारा सक्रिय रूप से इसका मुकाबला करने की आवश्यकता है। फर्जी खबरों का पर्दाफाश करने के लिए तालमेल के प्रयास, अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे कट्टरपंथियों पर केस और राज्य एजेंसियों द्वारा सूचनाओं को सक्रिय रूप से साझा करने के प्रयासों को उन्नत किया जा रहा है।

आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका देने की सिफारिश

डीजीपी और कोर कमांडर ने बेहतर सुरक्षा संकेतकों पर मौजूद अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद कुछ मानक निर्धारित किए गए थे, जिन्हें क्षेत्र में शांति और समृद्धि की बहाली के लिए सफलतापूर्वक हासिल किया गया है। डीजीपी ने कहा कि स्थानीय आतंकवादी भर्ती में कमी एक ऐसा मानदंड है जिस पर सभी को निरंतर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्थानीय आतंकवादियों को आत्मसमर्पण का मौका देने के लिए निरंतर प्रयास करने की सिफारिश की।

घने शहरी क्षेत्रों में ऑपरेशन पर रहे चौकन्ना

कोर कमांडर ने सभी से वर्ष 2022 को एक परिवर्तनकारी वर्ष के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने आतंकवादियों की प्रवृत्ति को देखते हुए ऑपरेशन के लिए घने शहरी क्षेत्रों का उपयोग करने के लिए आगाह किया क्योंकि वे छिपने या भागने के अधिक रास्ते प्रदान करते हैं। उन्होंने बेहतर खुफिया आधारित ऑपरेशन और बेहतर सामरिक अभ्यास द्वारा 2021 में सुरक्षाबलों को पहुंचे कम नुकसान पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अलगाववादी दुष्प्रचार का मुकाबला करने और कश्मीर में दीर्घकालिक शांति के लिए हिंसा के चक्र को तोड़ने के लिए नागरिक समाज के साथ निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
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