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सुरंगों से बनेगा आर्थिक गलियारा, रोजगार के द्वार खुलेंगे

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jammu kashmir news
लेह/जम्मू। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि श्रीनगर-लेह हाईवे पर सुरंगों से रोड कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। दोनों प्रदेशों के बीच इस हिस्से में आर्थिक गलियारा बनेगा। रोजगार के अवसर खुलेंगे। सोनामर्ग से थजवास ग्लेशियर तक रोपवे और सात झीलों के प्रस्ताव पर भी काम किया जा रहा है। गडकरी ने एलान किया कि श्रीनगर-लेह हाईवे पर पर्यटन प्रोत्साहन के लिए वे देश भर से ट्रैवल एजेंसियाें का सम्मेलन करवाएंगे। इसमें महाराष्ट्र से ट्रैवल एजेंसियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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गडकरी ने कहा कि पर्यटन पर होने वाले कुल निवेश का 49 फीसदी हिस्सा रोजगार सृजन को समर्पित होता है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि दोनों प्रदेशों को जोड़ने वाले सड़क संपर्क पर खर्च हो रही राशि से किस पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की विकास परियोजनाओं में आधारभूत ढांचे के अलावा रोजगार सृजन बड़ी प्राथमिकता है। लद्दाख और कश्मीर के युवाओं को बड़े पैमाने पर लाभ होने वाला है।
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जोजिला सुरंग के साथ एस्केप टनल भी बनेगी, मंत्रालय ने मांगा प्रस्ताव
- निर्माणाधीन 14.15 किमी लंबी जोजिला टनल में फिलहाल नहीं है समानांतर एस्केप टनल का प्रावधान
लेह/जम्मू। श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर बन रही एशिया की सबसे लंबी जोजिला रोड टनल में एस्केप टनल भी बनाई जाएगी। सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जोजिला सुरंग निर्माण का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एस्केप टनल का प्रस्ताव मांगा है। उन्होंने नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों से कहा कि वे निर्माणाधीन मुख्य टनल के समानांतर एस्केप टनल का प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजें।
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जोजिला सुरंग का निर्माण 4600 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। टनल निर्माण के लिए वर्ष 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। 14.15 किलोमीटर लंबी यूरोपीय तकनीक से तैयार की जा रही टनल की पूर्ववर्ती डीपीआर में एस्केप टनल का प्रस्ताव भी था, लेकिन अत्यधिक बजट समेत कई बार टेंडर सिरे न चढ़ने पर डीपीआर बदली गई थी। इसमें एस्केप टनल का प्रस्ताव हटाकर मुख्य टनल के साथ टेंडर जारी किया गया। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मीनामर्ग स्थित टनल के पूर्वी पोर्टल से निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों ने एस्केप टनल की जरूरत पर जोर दिया। निरीक्षण दौरे में गडकरी के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह भी उपस्थित थे।
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