{"_id":"60c668ec8ebc3eb6015ed912","slug":"jammu-kashmir-news-shrinagar-news-jmu237266420","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस का गूगल से आग्रह: वहीद पारा और पाकिस्तानी आतंकियों के ई-मेल का विवरण साझा करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस का गूगल से आग्रह: वहीद पारा और पाकिस्तानी आतंकियों के ई-मेल का विवरण साझा करें
Mon, 14 Jun 2021 01:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 01:52 AM IST
सार
पारा के खिलाफ यह दूसरा आरोप पत्र है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल नवंबर में उसे गिरफ्तार किया था। इस साल जनवरी में पारा को जम्मू में एनआईए अदालत ने जमानत दे दी थी, लेकिन सीआईके द्वारा तुरंत हिरासत में लिया गया और श्रीनगर लाया गया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।
विज्ञापन
वहीद पारा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों और गूगल से आग्रह किया है कि वह पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के करीबी वहीद-उर-रहमान पारा द्वारा पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं से आदान-प्रदान की गई ई-मेल सामग्री को संरक्षित करने के साथ ही साझा भी करें।
विज्ञापन
पुलिस द्वारा वहीद पारा के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में कहा गया है कि प्राथमिक तौर पर पाया गया कि पारा ने राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवादियों के साथ गठजोड़ किया और उनसे विभिन्न प्रकार की मदद हासिल की। इसके कारण कई आतंकी हमले भी हुए। पारा के खिलाफ मुकदमा शुरू करने के पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं।
विज्ञापन
पुलिस की इंटेलिजेंस कश्मीर विंग ने अपने आरोप पत्र में दावा किया कि जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपी वहीद पाकिस्तान स्थित अलगाववादी और आतंकवादी सरगनाओं से निर्देश और सलाह प्राप्त करता था। कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ आतंकवाद और अलगाववाद को आगे बढ़ाने के लिए कई सूचनाओं को सीमा पार भेजता था। इस महीने की शुरुआत में श्रीनगर की एक अदालत के समक्ष पेश आरोप पत्र में कहा गया है कि पारा कई ई-मेल सेवाओं के माध्यम से जानकारी साझा करता था, जिनमें से तीन को रिकॉर्ड में लाया गया है।
विज्ञापन
19 पेज की चार्जशीट में कहा गया कि पारा अपनी तीन ई-मेल आईडी के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था। इसका विवरण साझा करने के उचित चैनलों के माध्यम से अमेरिकी अफसरों और गूगल के पास अनुरोध भेजा गया है। चार्जशीट में कहा गया है कि जो जम्मू-कश्मीर पुलिस की सीआईडी विंग का हिस्सा सीआईके ने पारा के मोबाइल फोन से जुड़े व्हाट्सएप चैट, आई क्लाउड का डेटा संग्रह प्रदान करने का अनुरोध किया है।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: घायल जवानों से मिले डीजीपी, आतंकी मुदासिर पंडित और फयाज सोपोर हमले के मास्टरमाइंड