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Srinagar News: क्या किसी बड़े आतंकी मंसूबे की शुरुआत का संकेत है यह हमला

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jammu and kashmir news
श्रीनगर। अनंतनाग में पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह केवल एक अकेला हमला है या किसी बड़े आतंकी अभियान की शुरुआती कड़ी। घटना के तुरंत बाद पूरे कश्मीर में एक साथ बड़े पैमाने पर तलाशी और सत्यापन अभियान शुरू किया गया। इससे संकेत मिलते हैं कि एजेंसियां किसी बड़े आतंकी योजना की आशंका को खारिज नहीं कर सकी हैं।
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जांच के केंद्र में पांच बड़े सवाल
1-क्या यह रेकी के बाद का हमला था : प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या हमलावर ने पहले से पुलिसकर्मी की गतिविधियों, ड्यूटी रूट और समय का अध्ययन किया था। यदि ऐसा है, तो यह सुनियोजित लक्षित हमले की ओर संकेत कर सकता है।
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2. क्या हमला केवल पुलिसकर्मी पर था या बड़ा संदेश देने की कोशिश थी : सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में आतंकवादी संगठन सुरक्षा बलों पर सीधे हमलों के जरिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं। लंबे समय बाद पुलिसकर्मी को निशाना बनाना इसी रणनीति का हिस्सा था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
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3. क्या अमरनाथ यात्रा भी निशाने पर : हमला पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ है। यह अलग बात है कि मौसम खराब होने के कारण अभी यात्रा स्थगित है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि कहीं इस हमले का उद्देश्य यात्रा सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बनाना या सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाना तो नहीं था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

4. क्या स्थानीय मॉड्यूल सक्रिय हुआ है : घटना के बाद संदिग्धों से पूछताछ और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान से संकेत मिलता है कि एजेंसियां हमलावर को स्थानीय स्तर पर मिली संभावित सहायता, ठिकानों और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि क्या हमले के बहाने स्थानीय आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हुआ है।


5. क्या मारो और भाग जाओ की रणनीति की वापसी है: सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार हाल के वर्षों में छोटे मॉड्यूल की ओर से गोली मारकर तुरंत भागने की रणनीति फिर इस हमले में दिखी है। इससे हमलावर कम समय में हमला कर सुरक्षा घेरे से निकलने की कोशिश करते हैं। यहां भी ऐसा ही हुआ है।

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तो इसलिए बढ़ी एजेंसियों की चिंता?
-घाटी में पुलिसकर्मी की टारगेट किलिंग।
-व्यस्त बाजार क्षेत्र में हमला।
-हमलावर का घटनास्थल से निकल जाना।
-पूरे कश्मीर में एक साथ व्यापक तलाशी अभियान।
-टीआरएफ द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा (जिसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।
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ऐसे हो रही है जांच?
-मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच।
-संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स से पूछताछ।
-हथियार और हमले के तरीके का फोरेंसिक विश्लेषण।
-संभावित स्थानीय और सीमा पार संपर्कों की जांच।
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अनंतनाग से जुड़ी दुखद याद
-वर्ष 2023 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान आतंकवादियों की गोलीबारी में कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक हुमायूं भट ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। हाल के वर्षों में अनंतनाग जिला सुरक्षा बलों और नागरिकों पर चुनिंदा हमलों का केंद्र भी रहा है। इसी कारण इस बार सुरक्षा एजेंसियां व्यापक स्तर पर जांच कर रही हैं।
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