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Srinagar News: वजन व माप की निर्धारित 12 श्रेणियों का सत्यापन कर सकेंगे निजी केंद्र
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार करते हुए जम्मू-कश्मीर लीगल मेट्रोलॉजी, 2026 को अधिसूचित किया है। इन नियमों का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश को बढ़ावा देना है। नए नियमों के तहत सरकार से स्वीकृत परीक्षण केंद्र निजी संस्थान होंगे, जिन्हें विभाग की ओर से अधिकृत किया जाएगा। ये केंद्र वजन और माप की निर्धारित 12 श्रेणियों का सत्यापन कर सकेंगे। प्रत्येक श्रेणी के वजन और माप के सत्यापन के लिए शुल्क भी इन नियमों के तहत निर्धारित किया गया है।
नियमों में जीएटीसी की स्थापना की प्रक्रिया और इसके लिए पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को भी निर्धारित किया गया है। जीएटीसी और केंद्र शासित प्रदेश सरकार के बीच राजस्व का बंटवारा 80:20 के अनुपात में होगा। सरकार के अनुसार, जीएटीसी के माध्यम से लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की पहुंच उन क्षेत्रों तक बढ़ेगी, जहां अब तक वजन और माप के सत्यापन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इससे व्यापारियों को निर्धारित वजन और माप की जांच एवं सत्यापन के लिए निजी प्रयोगशालाओं का विकल्प भी मिलेगा।
ये सुधार हाल ही में शुरू की गई अन्य पहलों पर आधारित हैं, जिनमें जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026, विधिक माप-विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 2011 में संशोधन के जरिए निर्धारित वजन और माप के पुनः सत्यापन की अवधि बढ़ाना, कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा जम्मू कश्मीर सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा शामिल है।
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सरकार ने कहा कि इन उपायों के जरिए वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने का प्रयास किया गया है। संवाद
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नियमों में जीएटीसी की स्थापना की प्रक्रिया और इसके लिए पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को भी निर्धारित किया गया है। जीएटीसी और केंद्र शासित प्रदेश सरकार के बीच राजस्व का बंटवारा 80:20 के अनुपात में होगा। सरकार के अनुसार, जीएटीसी के माध्यम से लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की पहुंच उन क्षेत्रों तक बढ़ेगी, जहां अब तक वजन और माप के सत्यापन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इससे व्यापारियों को निर्धारित वजन और माप की जांच एवं सत्यापन के लिए निजी प्रयोगशालाओं का विकल्प भी मिलेगा।
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ये सुधार हाल ही में शुरू की गई अन्य पहलों पर आधारित हैं, जिनमें जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026, विधिक माप-विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 2011 में संशोधन के जरिए निर्धारित वजन और माप के पुनः सत्यापन की अवधि बढ़ाना, कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा जम्मू कश्मीर सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा शामिल है।
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सरकार ने कहा कि इन उपायों के जरिए वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने का प्रयास किया गया है। संवाद