{"_id":"69d78433a3d6c4b80e09ac9e","slug":"jammu-and-kashmir-cm-said-if-the-ceasefire-fails-the-responsibility-will-lie-solely-with-israel-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम उमर का बयान: पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना, कहा- युद्धविराम विफल हुआ तो जिम्मेदारी इस्राइल की होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम उमर का बयान: पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना, कहा- युद्धविराम विफल हुआ तो जिम्मेदारी इस्राइल की होगी
Thu, 09 Apr 2026 04:19 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
Published by: Nikita Gupta
Updated Thu, 09 Apr 2026 04:19 PM IST
सार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका को इस्राइल पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि ईरान के साथ युद्धविराम सफल हो और इसकी विफलता की जिम्मेदारी इस्राइल पर होगी।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को इस्राइल पर कुछ नियंत्रण रखना चाहिए ताकि ईरान के साथ प्रस्तावित युद्धविराम सफल हो सके।
विज्ञापन
उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने वह किया जो अन्य देशों ने नहीं किया। उन्होंने इस्राइल द्वारा लेबनान में की जा रही बमबारी और निर्दोष नागरिकों की हताहतियों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे हालात में युद्धविराम टिक सकता है या नहीं।
विज्ञापन
यदि युद्धविराम विफल होता है, तो जिम्मेदारी पूरी तरह से इस्राइल की होगी, ईरान की नहीं। इसलिए अमेरिका को इस्राइल पर कुछ संयम बरतना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लगातार बदलती भाषा और धमकियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के शब्द उपयुक्त नहीं हैं और यदि आम व्यक्ति ऐसा करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए ऐसा नहीं होता।
विज्ञापन
उन्होंने ईरान-यूएस संघर्ष के उद्देश्य और युद्ध के वास्तविक लाभ पर सवाल उठाते हुए कहा कि युद्ध के बाद ईरान ने हॉर्मुज की जलडमरूमध्य से शुल्क वसूलने का अवसर बनाया जबकि युद्ध से पहले यह मार्ग सभी के लिए खुला और निशुल्क था।
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान के रिश्तों की तुलना में भारत-इस्राइल के निकट संबंध ने भारत को मध्यस्थता का भूमिका निभाने से रोका। उन्होंने कहा कि युद्धविराम एक सकारात्मक पहल है और यदि इसमें पाकिस्तान ने योगदान दिया, तो इसे स्वीकार करना चाहिए।