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Kashmir: घाटी में हिंसा फैलाने की कोशिश, धार्मिक शिक्षा के नाम पर युवाओं को कट्टरता की ओर भड़काने का षड्यंत्र

Mon, 17 Nov 2025 01:59 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: निकिता गुप्ता Updated Mon, 17 Nov 2025 01:59 PM IST
सार

लाल किले विस्फोट और दिल्ली-बम धमाके के षड्यंत्र में मौलवी इरफान अहमद वागे की संलिप्तता उजागर हुई है, जो कश्मीर में हिंसा फैलाने की कोशिश बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां धर्मगुरुओं की आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों की पहचान कर मुख्यधारा की राह पर लाने के लिए सतर्क हैं।
 

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Is teaching terrorism under the guise of religious education a conspiracy to push the state into violence?
लाल किले बम धमाके में मौलवी की साजिश से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

लाल किले के पास विस्फोट के षड्यंत्र में मौलवी इरफान अहमद वागे की संलिप्तता कश्मीर को फिर से हिंसा के दौर में धकेलने की साजिश बताई जा रही है। यह 1990 के दौर की याद दिलाती है जब धर्मगुरु और मौलवी धार्मिक शिक्षा के नाम पर युवाओं को कट्टरता का पाठ पढ़ाते थे।

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युवाओं को धर्म और जिहाद के नाम पर बंदूक उठाने के लिए उकसाया जाता था। अब फिर से इसी षड्यंत्र को हवा देने की कोशिश की जा रही है। कर्नल विरेंद्र कुमार साही ने कहा कि धर्मगुरुओं को देश-प्रदेश को अस्थिर करने की सोच रखने वालों को मुख्यधारा की राह पर लाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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उन्हें आतंकवाद और अलगाववादी सोच का समर्थन करने वालों के खिलाफ बोलना होगा। हर धर्म के लोगों को सही राह पर चलने की सीख देनी चाहिए। फरीदाबाद में विस्फोटक की बरामदगी और दिल्ली बम धमाके के षड्यंत्र में मौलवी की संलिप्तता ने प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियों के कान फिर से खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर आतंकवाद की सोच रखने वाले धर्म गुरुओं की पहचान करनी होगी।

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