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पहलगाम हमले के बाद डर का माहौल: सुरक्षाबलों ने बढ़ाई पेट्रोलिंग, फिर भी कश्मीर से रवाना हो रहे प्रवासी मजदूर

Tue, 29 Apr 2025 03:09 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 29 Apr 2025 03:09 PM IST
सार

पहलगाम हमले के बाद कश्मीर घाटी में फैले तनाव के कारण प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल बन गया है और कई मजदूर लौटकर अपने राज्यों को जाने लगे हैं।

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An atmosphere of fear after the Pahalgam attack: Security forces increased patrolling, yet migrant workers are
प्रवासी मजदूर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद घाटी में पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल ने यहां बाहरी राज्यों से आये प्रवासी मजदूरों पर भी प्रभाव डाला है। करीब 20 प्रतिशत मजदूर जो यहां दिहाड़ी मज़दूरी करते थे, ने पंजाब और अन्य राज्यों का रुख किया है। हालांकि इस बीच जम्मू कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने उन क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है जिन इलाकों में यह प्रवासी मजदूर रहते हैं।

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200 मजदूरों की टीम में से 50 ने थामा वापसी का रास्ता
बिलाल लोन नामी एक ठेकेदार ने कहा कि वो कंट्रक्शन का काम करता है और हर साल उसके पास करीब 200 से अधिक मजदूर आते हैं जो उसकी टीम का हिस्सा होते हैं। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद उनमें भी डर का माहौल पैदा हो गया है। करीब 50 तो उनमें से पंजाब चले गए हैं जबकि जो यहां रह रहे हैं उनमें भी खौफ जरूर है।

बिलाल ने बताया कि वो रोजाना उनके कमरों पर जाकर उनसे मुलाकात करते हैं ताकि उनको सुरक्षित माहौल का एहसास हो सके। उन्होंने बताया कि श्रीनगर शहर की बात करें तो करीब 20 प्रतिशत प्रवासी मजदूर लौट चुके हैं।

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20 साल से कश्मीर में काम कर रहे दीना लाल बोले - डर है, लेकिन सहयोग भी मिलता है
इस बीच बिहार मोतिहारी के दीना लाल शर्मा जोकि कश्मीर में पिछले करीब 20 साल से बढ़ई का काम करते हैं ने कहा कि जब भी ऐसे हमले होते हैं तो डर जरूर रहता है। हमारे कई साथी लौट जाते हैं लेकिन हमें यहां स्थानीय लोगों से काफी सहयोग मिलता है।

वह हमारा ध्यान रखते हैं। वही जम्मू कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे लोग हमेशा सॉफ्ट टारगेट रहते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस हमले के बाद से उन इलाकों में जहां यह लोग रहते हैं, वहां सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और साथ ही इन लोगों से जल्दी अपने कमरों में जाने और बिना किसी काम बाहर घूमने से परहेज  करने की भी सलाह दी है। कुक जगहों पर लोकल पुलिस थानों के नंबर भी साझे किये गए हैं ताकि जरुरत पड़ने पर सम्पर्क किया जा सके।

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