फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Amarnath Yatra: With the sunset, slogans of Har Har Mahadev are raised in the langars

Amarnath Yatra : सूर्यास्त के साथ लंगरों में लगते हैं हर-हर महादेव के नारे, डमरू और घंटियों से गूंजती है घाटी

Sun, 06 Jul 2025 02:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 06 Jul 2025 02:17 AM IST
सार

एक साथ, एक ही समय करीब तीन दर्जन से अधिक लंगरों में शाम के समय आरती शुरू होती है तो पूरी घाटी हर हर महादेव, जय भोले और बाबा बर्फानी के जयकारे से गूंज उठती है।

विज्ञापन
Amarnath Yatra: With the sunset, slogans of Har Har Mahadev are raised in the langars
.बालटाल में लगे लंगर में हवन और आरती करते व्यवस्था से जुड़े लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बालटाल के रास्ते अमरनाथ तीर्थ यात्रियों की सेवा के लिए सजे लंगर शाम होते ही भोले की भक्ति में डूब रहे हैं। एक साथ, एक ही समय करीब तीन दर्जन से अधिक लंगरों में शाम के समय आरती शुरू होती है तो पूरी घाटी हर हर महादेव, जय भोले और बाबा बर्फानी के जयकारे से गूंज उठती है। चारों तरफ अगरबत्ती, धूप और हवन की सुगंध फैल रही है। राह चलते श्रद्धालु भी आरती में शामिल हो रहे हैं।

विज्ञापन


बालटाल के रास्ते बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा की ओर जाने वाले मार्ग पर विभिन्न प्रदेशों के 40 से अधिक लंगर लगे हुए हैं। इसमें कोई हरियाणा और पंजाब का है तो कोई दिल्ली और यूपी का दानवीर भोले का भक्त। सभी अलग-अलग प्रदेशों के लेकिन सभी के बीच एक बात समान है कि चौबीस घंटे भोले के भक्तों की सेवा के दौरान शाम सात और साढ़े सात बजे के बीच सभी जगह एक साथ महादेव की आरती शुरू होती है। कुछ लंगरोंं में तो रोजाना हवन भी हो रहा है।
विज्ञापन


श्री शिव शक्ति सेवा मंडल बुढलाडा मानसा पंजाब लंगर के डॉ. प्रेमचंद के मुताबिक बालटाल घाटी में सूर्यास्त शाम करीब साढ़े सात बजे होता है। लिहाजा इसी दौरान महादेव की आरती कर ली जाती है, क्योंकि सूर्यास्त के बाद आरती करना उचित नहीं माना जाता है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर के रहने वाले राजेश ने शिव शक्ति मानव सेवा समिति नाम से लंगर लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह कहते हैं कि शाम के समय सभी लंगरों में एक साथ आरती होने से पूरी घाटी में सिर्फ बाबा बर्फानी की ही गूंज सुनाई देती है। डमरू और घंटी की आवाज के बीच भोले की स्तुति करना मन को काफी सुकून पहुंचाता है। शिव गौरी सेवा मंडल चंडीगढ़ के मनप्रीत सिंह कहते हैं कि एक साथ आरती करने का आनंद अत्यंत ही सुखद होता है। ऐसा लगता है कि मानों बाबा बर्फानी सामने विराजमान हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed