{"_id":"143-39342","slug":"Sri-nagar-39342-143","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मना सच्चाई का पर्व, रावण का पुतला जलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मना सच्चाई का पर्व, रावण का पुतला जलाया
Sri nagar
Updated Mon, 14 Oct 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। रामनवमी तथा विजय दशमी का त्योहार रविवार को कश्मीर संभाग के कई इलाकों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में पूजा, अर्चना, हवन तथा भंडारे का आयोजनकिया गया। पोलो ग्राउंड पर बुराई पर सच्चाई का प्रतीक दशहरे का आयोजन हुआ। दो दिनों की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। मुस्लिम समुदाय के लोग भी यहां पहुंचे थे।
ज्येष्ठ माता के मंदिर में रात भर पूजा-अर्चना की गई। मंदिर कमेटी के प्रधान भारत भूषण के अनुसार नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में रोजाना पूजा अर्चना होती रही। रविवार को कीर्तन तथा हवन का आयोजन किया गया। शाम को मंदिर से झांकी निकाली गई जो झेलम नदी तक पहुंची। यहां धार्मिक रीति रिवाज के साथ साख को प्रवाहित किया गया। इसके अलावा सोनावर स्थित प्राचीन सूर्यार शिव मंदिर में हवन कीर्तन किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें तमाम लोग शामिल हुए। मंदिर में कन्या पूजन भी किया गया। सूर्यार शिव मंदिर समिति के चेयरमैन दीपक गुप्ता ने बताया कि रामनवमी तथा अन्य अवसरों पर मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। रामनवमी पर भी ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोमवार को साख का विसर्जन किया जाएगा। इधर, शाम को श्रीनगर के पोलो ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम हुआ। कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले को अग्नि के हवाले किया गया। खराब मौसम के कारण कार्यक्रम में कुछ रुकावट जरूर आई, लेकिन लोगों में उत्साह कम नहीं हुआ। इस बीच सेना, सीआरपीएफ तथा सीमा सुरक्षा बल की ओर से भी रामनवमी और विजयदशमी का पर्व मनाया गया।
विज्ञापन
ज्येष्ठ माता के मंदिर में रात भर पूजा-अर्चना की गई। मंदिर कमेटी के प्रधान भारत भूषण के अनुसार नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में रोजाना पूजा अर्चना होती रही। रविवार को कीर्तन तथा हवन का आयोजन किया गया। शाम को मंदिर से झांकी निकाली गई जो झेलम नदी तक पहुंची। यहां धार्मिक रीति रिवाज के साथ साख को प्रवाहित किया गया। इसके अलावा सोनावर स्थित प्राचीन सूर्यार शिव मंदिर में हवन कीर्तन किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें तमाम लोग शामिल हुए। मंदिर में कन्या पूजन भी किया गया। सूर्यार शिव मंदिर समिति के चेयरमैन दीपक गुप्ता ने बताया कि रामनवमी तथा अन्य अवसरों पर मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। रामनवमी पर भी ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोमवार को साख का विसर्जन किया जाएगा। इधर, शाम को श्रीनगर के पोलो ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम हुआ। कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले को अग्नि के हवाले किया गया। खराब मौसम के कारण कार्यक्रम में कुछ रुकावट जरूर आई, लेकिन लोगों में उत्साह कम नहीं हुआ। इस बीच सेना, सीआरपीएफ तथा सीमा सुरक्षा बल की ओर से भी रामनवमी और विजयदशमी का पर्व मनाया गया।
विज्ञापन