{"_id":"143-37823","slug":"Sri-nagar-37823-143","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागवानी, पर्यटन से सुधर सकती है अर्थव्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागवानी, पर्यटन से सुधर सकती है अर्थव्यवस्था
Sri nagar
Updated Mon, 02 Sep 2013 05:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बागवानी, हस्तशिल्प और पर्यटन के जरिए जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को बेहतर किया जा सकता है।
इससे उद्योग से जुड़े लोगों का उत्थान तो होगा ही साथ ही रियासत साधन संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए रियासत की सरकार हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शोपियां जिले के लासीपुरा इलाके में एक कोल्ड स्टोरेज का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा आस्ट्रेलिया में प्रति हेक्टेयर 70 टन की तुलना में घाटी में सेब की पैदावार प्रति हेक्टेयर 9.5 टन है। जबकि प्रति हेक्टेयर 25 टन तक इसे और बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रति वर्ष 35 लाख टन सेब की उत्पादकता में सक्षम है। ऐसे में उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत की सरकार अर्थव्यवस्था सुधारने और विकास करने में जुटी है। किसानों को सभी रियायतें और सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। हम फल और सौंदर्य के लिए दुनिया में मशहूर हैं। ऐसे में हमें पैकेजिंग और गुणवत्ता पर भी खास ध्यान देना होगा। इस मौके पर वित्त मंत्री अब्दुल रहीम, कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर, पशुपालन मंत्री नजीर अहमद और राज्यमंत्री आगा सैयद ने भी सभा को संबोधित किया।
विज्ञापन
इससे उद्योग से जुड़े लोगों का उत्थान तो होगा ही साथ ही रियासत साधन संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए रियासत की सरकार हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शोपियां जिले के लासीपुरा इलाके में एक कोल्ड स्टोरेज का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा आस्ट्रेलिया में प्रति हेक्टेयर 70 टन की तुलना में घाटी में सेब की पैदावार प्रति हेक्टेयर 9.5 टन है। जबकि प्रति हेक्टेयर 25 टन तक इसे और बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रति वर्ष 35 लाख टन सेब की उत्पादकता में सक्षम है। ऐसे में उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत की सरकार अर्थव्यवस्था सुधारने और विकास करने में जुटी है। किसानों को सभी रियायतें और सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। हम फल और सौंदर्य के लिए दुनिया में मशहूर हैं। ऐसे में हमें पैकेजिंग और गुणवत्ता पर भी खास ध्यान देना होगा। इस मौके पर वित्त मंत्री अब्दुल रहीम, कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर, पशुपालन मंत्री नजीर अहमद और राज्यमंत्री आगा सैयद ने भी सभा को संबोधित किया।
विज्ञापन