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इस साल 44 दिन तक चलेगी अमरनाथ यात्रा
अमर उजाला,जम्मू
Updated Tue, 21 Jan 2014 02:27 PM IST
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पवित्र अमरनाथ यात्रा 2014 की अवधि 44 दिन की होगी। 28 जून से यात्रा शुरू हो जाएगी जो दस अगस्त तक चलेगी। यात्रा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया एक मार्च से होने की संभावना है।
सोमवार को नई दिल्ली में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की 26वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। बोर्ड के चेयरमैन राज्यपाल एनएन वोहरा ने बैठक की अध्यक्षता की। पिछले साल की तुलना में यह अवधि 11 दिन कम है। वर्ष 2013 में यात्रा 28 जून से 21 अगस्त रक्षाबंधन तक चली थी।
यात्रा की अवधि निर्धारित करते समय बोर्ड की बैठक में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की अध्यक्षता में बोर्ड द्वारा गठित सब कमेटी के सुझावों पर गौर किया गया। इसमें यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देेते हुए 44 दिवसीय यात्रा को 28 जून से शुरू करने का फैसला लिया गया।
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यात्रा अवधि के दौरान पहलगाम- चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500 - 7500 श्रद्धालुओं को यात्रा पर जाने की इजाजत के मद्देनजर रोजाना 15 हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण होगा। इसमें हेलीकाप्टर के जरिये पंचतरणी तक पहुंचने के बाद यात्रा करने वाले श्रद्धालु शामिल नहीं होंगे। बोर्ड ने बैठक में मौजूद प्रबंधन के अफसरों को हिदायत दी कि आगामी एक मार्च से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना होगा
अमरनाथ यात्रा 2014 के दौरान भी पंजीकरण के लिए हर श्रद्धालु को अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनाना होगा। विशेषज्ञों की समिति की सिफारिशों के मुताबिक लंगरों पर श्रद्धालुओं को उपलब्ध होने वाले भोजन के मेन्यू में भी बदलाव होगा। जल्द ही इसकी संशोधित सूची लंगर संगठनों को मुहैया कराई जाएगी।
13 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर यात्रा के लिए पूजन
हिंदू संगठनों की अमरनाथ यात्रा की अवधि ज्येष्ठ पूर्णिमा से रक्षा बंधन तक निर्धारित करने की मांग के मद्देनजर इस दफा श्राइन बोर्ड ने विवाद से बचने के लिए बीच का रास्ता निकाला। बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक 13 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर यात्रा के लिए विशेष पूजा होगी। बोर्ड के सदस्यों ने सीईओ नवीन कुमार चौधरी को हिदायत दी कि अगर संभव हो सके को पूजन पवित्र अमरनाथ गुफा में हो, अन्यथा यात्रा एरिया में इसका आयोजन किसी अन्य निर्धारित स्थान पर किया जाए।
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सोमवार को नई दिल्ली में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की 26वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। बोर्ड के चेयरमैन राज्यपाल एनएन वोहरा ने बैठक की अध्यक्षता की। पिछले साल की तुलना में यह अवधि 11 दिन कम है। वर्ष 2013 में यात्रा 28 जून से 21 अगस्त रक्षाबंधन तक चली थी।
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यात्रा की अवधि निर्धारित करते समय बोर्ड की बैठक में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की अध्यक्षता में बोर्ड द्वारा गठित सब कमेटी के सुझावों पर गौर किया गया। इसमें यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देेते हुए 44 दिवसीय यात्रा को 28 जून से शुरू करने का फैसला लिया गया।
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यात्रा अवधि के दौरान पहलगाम- चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500 - 7500 श्रद्धालुओं को यात्रा पर जाने की इजाजत के मद्देनजर रोजाना 15 हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण होगा। इसमें हेलीकाप्टर के जरिये पंचतरणी तक पहुंचने के बाद यात्रा करने वाले श्रद्धालु शामिल नहीं होंगे। बोर्ड ने बैठक में मौजूद प्रबंधन के अफसरों को हिदायत दी कि आगामी एक मार्च से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना होगा
अमरनाथ यात्रा 2014 के दौरान भी पंजीकरण के लिए हर श्रद्धालु को अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनाना होगा। विशेषज्ञों की समिति की सिफारिशों के मुताबिक लंगरों पर श्रद्धालुओं को उपलब्ध होने वाले भोजन के मेन्यू में भी बदलाव होगा। जल्द ही इसकी संशोधित सूची लंगर संगठनों को मुहैया कराई जाएगी।
13 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर यात्रा के लिए पूजन
हिंदू संगठनों की अमरनाथ यात्रा की अवधि ज्येष्ठ पूर्णिमा से रक्षा बंधन तक निर्धारित करने की मांग के मद्देनजर इस दफा श्राइन बोर्ड ने विवाद से बचने के लिए बीच का रास्ता निकाला। बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक 13 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर यात्रा के लिए विशेष पूजा होगी। बोर्ड के सदस्यों ने सीईओ नवीन कुमार चौधरी को हिदायत दी कि अगर संभव हो सके को पूजन पवित्र अमरनाथ गुफा में हो, अन्यथा यात्रा एरिया में इसका आयोजन किसी अन्य निर्धारित स्थान पर किया जाए।